कानपुर। साल 2016 में केंद्र सरकार ने देश में नोटबंदी का ऐलान किया था।नोटबंदी में बैंकों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखी गईं। 2 दिसंबर को एटीएम की लाइन में जन्मा खजांची अब स्कूल पढ़ने जाने लगा है।कानपुर देहात के अपने अनोखे नाम से चर्चा में आए खजांची की मदद के लिए समाजवादी पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगे आएं हैं।अखिलेश यादव अब खजांची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे।





अखिलेश ने दी इसकी जानकारी





सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी।सपा मुखिया ने कहा कि नोटबंदी की लाइन में जन्म लेने पर मजबूर खजांची अब बड़ा हो गया है, उसकी ग़रीबी उसके विकास में बाधा न बने, इसीलिए हमने उसकी पढ़ाई पूरी कराने की ज़िम्मेदारी ली है।सपा मुखिया ने कहा कि शिक्षा की शक्ति से व्यक्तित्व की दूसरी शक्तियां जन्म लेती हैं।शैक्षिक सशक्तीकरण से बड़ा कोई अन्य सशक्तीकरण नहीं होता।





खजांची के माता-पिता अखिलेश मिलने पहुंचे थे सैफई





समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खजांची के माता-पिता अखिलेश यादव से मिलने के लिए सैफई पहुंचे थे।इस मुलाकात के दौरान ही खजांची की पढ़ाई का खर्च उठाने का फैसला अखिलेश यादव ने लिया।खजांची का एक बड़े स्कूल में एडमिशन कराया गया।खजांची सोमवार से स्कूल जाने लगा है।





नोटबंदी की लाइन में दिया बच्चे को जन्म





नोटबंदी के दौरान खजांची की मां सर्वेषा दो दिसंबर को झिंझक इलाके में पंजाब नेशनल बैंक जाकर पैसा निकालने के लिए सुबह 11 बजे से ही लाइन में लगी थीं,वहां सर्वेषा को प्रसव पीड़ा हुई और एक बच्चे को जन्म दिया।जब इसकी खबर मीडिया के जरिए अखिलेश यादव तक पहुंची तो उन्होंने बैंक के बाहर पैदा होने के कारण इस बच्चे का नाम खजांची रख दिया और उसकी मां को 1 लाख रुपए सहायता राशि के तौर पर दिए थे।





2016 से परिवार के संपर्क में हैं अखिलेश





आपको बताते चलें कि एटीएम की लाइन मे लगकर गर्भवती महिला और फिर वहीं बच्चे को जन्म देने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला था।अखिलेश यादव ने कहा था कि नोटबंदी के फैसले के कारण आम लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।सपा खजांची का जन्मदिन भी मनाती आ रही है। बीते साल एक वीडियो भी सामने आया था जिसमे अखिलेश यादव खजांची का जन्मदिन मनाते हुए नजर आ रहे थे।