देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अब प्रशासन पर दबाव बनाते हुए प्रदर्शन की गेंद पूरी तरह से अधिकारियों के पाले में डाल दी है और उन्हें 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने अनुमति मांगी थी, जिसे प्रशासन की ओर से हरी झंडी नहीं मिली। पुलिस और प्रशासन का अक्सर यह तर्क रहता है कि आयोजकों को कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना चाहिए। इसी तकनीकी पेंच और अनुमति न मिलने के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने मीडिया के सामने पार्टी का नया रुख स्पष्ट किया।
"अब तारीख और समय प्रशासन तय करे" - सौरभ दास
मीडिया द्वारा जब यह पूछा गया कि अनुमति न मिलने पर पार्टी का अगला कदम क्या होगा, तो प्रवक्ता सौरभ दास ने दो टूक अंदाज में कहा:
"देखिए पीसफुल प्रोटेस्ट (शांतिपूर्ण प्रदर्शन) हमारा संवैधानिक अधिकार है। लोग कर भी रहे हैं और आगे भी करेंगे। पुलिस की हमेशा शिकायत रहती है कि 10 दिन पहले आइए, 10 दिन पहले आइए। अब हम कह रहे हैं कि आपके पास चॉइस है, हमने यह फैसला उन पर छोड़ा है कि वे इस बार खुद डेट और टाइम तय करके बताएं।"
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प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को अधिक दिनों तक लंबित नहीं रहने देंगे। सौरभ दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस नई रणनीति पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या CJP को उनके विरोध प्रदर्शन के लिए कोई नया समय और स्थान मिलता है या नहीं।
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