धनबाद।झारखंड का एक मात्र सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज
बिरसा प्रौद्योगिकी संस्थान सिंदरी का विकास अब इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई की तरह होगा। शनिवार को आईआईटी कानपुर की तीन सदस्यीय टीम ने बीआईटी सिंदरी का निरीक्षण कर उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें कमेटी ने बीआईटी सिंदरी के स्वर्णिम इतिहास को देखते हुए इसके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की बात कही है।संस्थान में समुचित फैकल्टी सहित आधारभूत संरचना के विकास व स्वायत्तता पर ध्यान देने की बात कही गयी है।

उत्कृष्ट संस्थान बनाने के लिए बीआईटी सिंदरी को डीम्ड विवि आईसीटी मुंबई की तरह विकसित करने के लिए कहा गया है।आईआईटी कानपुर द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट पर अब विभाग अध्ययन करने में जुटा है।इसके बाद राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कार्रवाई के लिए पहल की जायेगी।उच्च व तकनीकी शिक्षा अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल और आईआईटी कानपुर के प्रो विनोद कुमार सिंह, प्रो योगेश एम जोशी के साथ संस्थान की गुणवत्ता को लेकर बातचीत भी हुई है।संस्थान के विकास व शोध कार्य के लिए आईआईटी कानपुर भी सहयोग करेगा।

आपको बता दें कि बिरसा प्रौद्योगिकी संस्थान सिंदरी की स्थापना 1949 में हुई थी।पहले इसका कैंपस पटना में था और पटना विश्वविद्यालय से संबद्ध था।बाद में ये धनबाद के सिंदरी में शिफ्ट हुआ और रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा।विनोबा भावे विश्वविद्यालय की स्थापना से संबद्ध रहने के बाद अब यह झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से संबद्ध है।इस संस्थान में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्रोडक्शन, सिविल, मैटालर्जिकल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कैमिकल व माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई होती है. इसके अलावा भौतकी, रसायनशास्त्र व गणित के साथ-साथ जियोलॉजी एंड जियो साइंस की पढ़ाई भी होती है।छात्र व छात्राओं के लिए 27 हॉस्टल हैं।