प्रतिनिधि,जमशेदपुर।बीते 13 जनवरी की रात्रि आजाद नगर थाना अंतर्गत कुली रोड नंबर 10 के पास मो. शब्बीर की वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसका खुलासा सोमवार एसएसपी प्रभात कुमार ने पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में किया।





प्रेसवार्ता में एसपी सिटी के. विजय शंकर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें से एक की तबियत खराब होने के कारण इलाज के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो समेत नकद 38 हजार रुपए और मोबाइल भी बरामद किया है। जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी भी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली डांगरडीह निवासी मो. सद्दाम हुसैन, आजाद नगर सदमान अपार्टमेंट ओल्ड पुरूलिया रोड नंबर 3 निवासी अतालिक अहमद, कपाली डांगोडीह निवासी सरफराज आलम, ओल्ड पुरूलिया रोड नंबर 3 निवासी सैफ अली साकिर और ओल्ड पुरूलिया रोड नंबर एक का रहने वाला मो. ताज जिसका इलाज चल रहा है, भी शामिल है। वहीं गिरफ्तार मो. सद्दाम के खिलाफ आजाद नगर थाना और चांडिल थाने में पूर्व से अलग-अलग आपराधिक मामले भी दर्ज है।





प्रेसवार्ता में एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि मो. शब्बीर को गोली मारने के तीन दिनों पूर्व मो. सज्जाद के साथ शहनवाज बच्चा उर्फ छोटू, गुलरेज, सद्दाब, रिंकू और दानिश द्वारा मारपीट की गई थी। जिसमें मृतक मो. शब्बीर द्वारा पीड़ित पक्ष को कानूनी सहयोग दिया जा रहा था। साथ ही घटना में शब्बीर समझौता करने में बाधक बन रहा था। जिसके कारण‌ घटना की रात्रि आरोपियों ने मृतक शब्बीर को फोन कर कुली रोड कोयला टाल के पास साजिश के तहत बुलाया। उसके आते ही सभी आरोपियों ने उसे घेरकर गोली चलानी शुरू कर दी। जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिसके बाद परिजन समेत दोस्तों ने उसे इलाज के लिए टीएमएच पहुंचाया। मगर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन उसे इलाज के लिए कोलकाता स्थित अस्पताल लेकर चले गए। जहां रविवार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।





एसएसपी ने कहा कि मृतक मो. शब्बीर और गिरफ्तार सभी आरोपी समेत अन्य कपाली में जमीन का कारोबार कर रहे थे। जमीन कारोबार में भी दोनों पक्ष के लोगों के बीच नहीं बनती थी। साथ ही मारपीट की घटना में समझौता में बाधक बनना भी मो. शब्बीर की हत्या का कारण बना है। जबकि पुलिस अभी तक यह साफ नहीं कर पाई है कि मृतक को किसने फोन कर बुलाया था। साथ ही घटना में और कितने लोग शामिल है। उनका कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी भी कर रही है।





प्रेसवार्ता के बाद जब आरोपियों को पुलिस वाहनों से जेल लेकर जाने लगी तो उनके परिजन निर्दोष बताते हुए सभी को छुड़ाने के लिए पुलिस वाहन के आगे आ गए। जिसकी जानकारी पाकर सिटी एसपी के. विजय शंकर ने मौके पर पहुंचकर मामला संभाला और पुलिस को वहां से रवाना किया। घटना के उद्भेदन के लिए बनी टीम में पटमदा डीएसपी सुमित कुमार, मानगो थाना प्रभारी विनय कुमार, आजादनगर थाना प्रभारी नरेश सिन्हा और उलीडीह थाना प्रभारी विनोद टुडू समेत थाने के एसआई और सशस्त्र पुलिस बल शामिल थी।