दुमका। झारखंड भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी आदिवासी लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या का आरोपी जिस अरमान अंसारी को बांग्लादेशी बता रहे हैं,उस अरमान अंसारी का स्थायी पता ढूंढ़ने में दुमका पुलिस अब तक नाकाम रही है।शनिवार को भी पुलिस की एक टीम शिकारीपाड़ा के चित्रागढ़िया इलाके में अरमान अंसारी के घर का पता-ठिकाना खोजती रही, लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है।





अरमान अंसारी अभी जेल में है। दर्ज रिपोर्ट में अरमान का पता श्रीअमड़ा बताया गया है।तीन सितंबर को जब अरमान का पुलिस के समक्ष बयान दर्ज हुआ तो उसने अपना स्थायी पता शिकारीपाड़ा के पिनरगड़िया में बताया।अरमान के बताए पते पर जब पुलिस पिनरगड़िया पहुंची तो उसका निवास होने का कोई सबूत नहीं पाया गया। यहां तक कि ग्राम प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और आंगनबाड़ी सेविका तक यह लिखकर दे चुकी है कि अरमान अंसारी, पिता कासिम अंसारी नाम के व्यक्ति को वे लोग नहीं जानते।





अरमान अंसारी के स्थायी निवास को लेकर संशय की स्थिति पर संताल परगना के डीआईजी भी गंभीर हैं। डीआईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने अरमान अंसारी के स्थायी निवास स्थान का पता लगा कर दुमका पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उसके स्थायी घर के जमीन के खतियानी दस्तावेज भी पता करने का टास्क दुमका पुलिस को दिया गया है, लेकिन शनिवार की शाम तक पुलिस का अरमान का स्थायी घर का पता नहीं लगा सकी।





अरमान की मां को हिरासत में नहीं ले सके, थाना प्रभारी को हटाया





दुष्कर्म और हत्या के बाद आदिवासी लड़की का शव पेड़ से लटकाने के मामले के आरोपी अरमान अंसारी की गिरफ्तारी हो गई है। अरमान श्रीअमड़ा गांव में अपनी मां के साथ रहता था। अरमान की मां महरुन खातून उर्फ महरुन बीवी आदिवासी लड़की के साथ अरमान की शादी नहीं होने देना चाहती थी। इस मामले में पुलिस को उसकी मां की भी संलिप्तता का संदेह है। पुलिस ने अब तक उससे पूछताछ नहीं की।अब अरमान की मां फरार हो गई है।





संताल परगना के डीआईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने पुलिस पदाधिकारियों को हर हाल में अरमान अंसारी की मां को हिरासत में लेने का निर्देश दिया था। अरमान की मां को हिरासत में लेने का टास्क विवि ओपी के थाना प्रभारी सुजीत उरांव को दिया गया था,लेकिन अरमान की मां पुलिस गिरफ्त से दूर है। माना जा रहा है कि इसी लापरवाही के कारण थाना प्रभारी सुजीत उरांव पर हटना पड़ा।