आरएनएम कॉलेज में एनएसएस के द्वारा विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया
नव नामांकित छात्राओं को स्वागत कर एनईपी से कराया गया अवगत
शिक्षा के बगैर विकास करने का कोई दूसरा विकल्प नहीं है:प्रो जैनेंद्र कुमार सिंह
प्रतिनिधि,हंटरगंज(चतरा)। प्रखंड के रामनारायण मेमोरियल महाविद्यालय में विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर नव नामंकित छात्र छात्राओं को प्राचार्य एवं व्याख्याताओ और एनएसएस वालंटियरों के द्वारा स्वागत किया गया।सबसे पहले भारतीय संस्कृति के अनुसार महान स्वतंत्रता सेनानी सह प्रथम सांसद बाबू राम नारायण सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। माल्यार्पण उपरांत महाविद्यालय प्रांगण में नव नामांकित छात्र छात्राओं पर पुष्प वर्षा कर चंदन का टीका लगाकर एवं गुलाब का फूल देकर सीनियर स्टूडेंट्स एवं व्याख्याताओ के द्वारा अभिनंदन किया गया।महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के द्वारा सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को न्यू एजुकेशन पॉलिसी की बाबत व्यापक रूप से बताया गया।
विश्व साक्षरता दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. जैनेंद्र कुमार सिंह ने क्षेत्र के इतिहासिक और भौगोलिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाविद्यालय ने कई चैलेंज का सामना करते हुए कई अनूठे कार्य किए हैं जो महाविद्यालय के लिए मिल का पत्थर साबित हो रहा है। पठन पाठन से लेकर प्रशासनिक स्तर पर सभी का योगदान स्मरणीय है।कॉलेज के नामांकरण की बाबत बताया कि बाबू राम नारायण सिंह एक कुशल राजनीतिज्ञ,समाज सेवक, समाज सुधारक,शिक्षा विद एवं प्रचंड विद्वान थे।उन्हीं के नाम पर इस कॉलेज का नाम रामनारायण मेमोरियल कॉलेज रखा गया है जो एक यादगार के रूप में रहती दुनिया तक रहेगी। उन्होंने कहा की शिक्षा के मंदिर से ही विकास के रास्ते खुलते हैं।शिक्षा के बगैर विकास का कोई दुसरा विकल्प नहीं है।
इस मौके पर एनएसएस पीओ डाॅ फहीम अहमद ने विश्व साक्षरता दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 1965 में यूनेस्को ने पूरी दुनिया में लोगों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस मनाने का फैसला लिया था। 1966 में पहली बार 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया।उसी दिन से पूरी दुनिया में यह दिवस मनाया जाने लगा।इसका उद्देश्य है कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति अनपढ़ न रह जाए। साक्षर बनाने के लिए बहुत सारे अभियान यूनेस्को के द्वारा चलाया गया। उसी का परिणाम है कि लोग शिक्षा प्रति जागरूक हुए हैं।इसीलिए घर-घर शिक्षा का दीप जलाने का संकल्प लेने का दिन है।
मंच का संचालन सरदार सोनल सिंह और नीरज भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया।इस मौके पर व्याख्याताओं में डाॅ रेयाजदुद्दीन अंसारी, डाॅ सुबोध कुमार सिंह,कुमारी मंजू सिंह,स्वेता सिंह,पूजा सिंह,शिव रतन सिंह, डाॅ रामजीत यादव,कमरुद्दीन अंसारी,फखरुद्दीन अंसारी,सरयू यादव,अनिल कुमार सिंह,ओम प्रकाश निवलेंदु के अतिरिक्त कॉलेज के सभी कर्मी और छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।





