महाकुंभ नगर।गंगा की धरा पर जनवरी 2025 में विश्व का सबसा बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ होने जा रहा है।सनातन धर्म में महाकुंभ का खास महत्व है।महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं और संगम में डुबकी लगाते हैं। महाकुंभ में धार्मिक,सांस्कृतिक,परंपराएं,रहन-सहन,खानपान,पहनावा आदि देखने को मिलते हैं।महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोग सनातन धर्म की दीक्षा लेंगे।विश्व का चर्चित देश इजराइल की किन्नर ईशा बेंजामिन भी सनातन धर्म की दीक्षा लेंगी।ईशा बेंजामिन मां गंगा को नमन कर सनातन धर्म में अपनी आस्था जताएंगी और किन्नर अखाड़े में शामिल होकर महंत भी बनेंगी।महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा ईशा बेंजामिन की चादरपोशी और पट्टाभिषेक करेगा और यही नया नाम दिया जाएगा।
किन्नर ईशा बेंजामिन इजरायल की रहने वाली हैं और उनका जन्म एक यहूदी परिवार में हुआ था।इनकी मां हिंदू हैं और पिता यहूदी हैं।बरहाल किन्नर ईशा बेंजामिन का पूरा परिवार बाद में मुंबई शिफ्ट हो गया था।पिता इमैनुअल बेंजामिन बॉलीवुड के चर्चित कोरियोग्राफर थे। इमैनुअल बेंजामिन को फिल्मी दुनिया में बाबा हरमन के नाम से जाना जाता था। किन्नर ईशा बेंजामिन मुंबई में एक मल्टीनेशनल कंपनी में लॉजिस्टिक ऑफिसर हैं।कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के दौरान किन्नर ईशा बेंजामिन को किताबों और इंटरनेट के माध्यम से सनातन धर्म के बारे में जानकारी हुई और उससे खासी प्रभावित हुई।
सनातन धर्म के बारे में जानने और समझने के बाद किन्नर ईशा बेंजामिन का लगाव और बढ़ गया।लगभग दो साल पहले किन्नर ईशा बेंजामिन किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के संपर्क में आईं और सनातन धर्म को और करीब से जाना,कई कार्यक्रमों में शामिल हुईं।इसके बाद किन्नर ईशा बेंजामिन ने अब सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया या है। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में किन्नर ईशा बेंजामिन न सिर्फ सनातन की दीक्षा लेंगी, बल्कि किन्नर अखाड़े में शामिल होकर महंत भी बनेंगी।किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर के साथ वह संगम नगरी आई हैं। 3 नवंबर को नगर प्रवेश में वह भी शामिल थीं।
किन्नर ईशा बेंजामिन का कहना है कि वह सनातन धर्म से इतना प्रभावित है कि अपना बाकी जीवन इसके प्रचार प्रसार में लगाना चाहती हैं।किन्नर ईशा बेंजामिन अपने मूल देश इजराइल के हालात को लेकर बहुत चिंतित हैं।उनका मानना है कि इजरायल को निशाना बनाया जा रहा है।उनके मुताबिक इजरायल हमेशा से शांति का समर्थक रहा है।वह इजराइल पर भारत के रुख से पूरी तरह सहमत और खुश हैं।
किन्नर ईशा बेंजामिन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वह अपनी नौकरी छोड़कर दुनिया भर में सनातन के प्रचार प्रसार का काम करने को तैयार हैं।किन्नर ईशा बेंजामिन को सनातन धर्म की दीक्षा देने जा रही किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का कहना है कि महाकुंभ में उनके अखाड़े से जुड़कर बड़ी संख्या में दूसरे धर्म के लोग सनातन धर्म की दीक्षा लेंगे। उन्होंने कहा कि ईशा पढ़ी लिखी हैं और वह सनातन धर्म के बारे में बहुत कुछ जानती हैं।
जगद्गुरु स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य महाराज ने किन्नर अखाड़ा की इस पहल का स्वागत किया है।उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म को मजबूती और प्रचार-प्रसार की जरूरत है, इसके लिए किन्नर अखाड़ा की पहल सराहनीय है।





