कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल के दौरान हुई भीषण भगदड़ की घटना के बाद राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत, मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया है। हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की भारी-भरकम आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री ने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है:

  • मृतकों के लिए: हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। (इनमें से 18 मृतक पश्चिम बंगाल के ही निवासी थे।)
  • घायलों के लिए: गंभीर रूप से घायल हुए 25 लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये के चेक दिए जाएंगे।
  • वितरण योजना: आगामी 26 अक्टूबर को आयोजित होने वाले 'विजय सम्मेलन' कार्यक्रम के दौरान मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और इसी मंच से घायलों के परिजनों को मुआवजे के चेक सौंपे जाएंगे।

हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश करेंगे जांच

घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरी घटना की तह तक जाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में एक तथ्य-जांच टीम (Fact-Finding Team) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए केस दर्ज कर लिया है।

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छह आरोपी गिरफ्तार, दो घायल आईसीयू में

पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए सीएम ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सुसंगत प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। इस हादसे में कुल 25 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 2 की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज आईसीयू (ICU) में जारी है। सरकार ने सभी घायलों के बेहतर और मुफ्त इलाज के निर्देश दिए हैं।

पंडालों में भीड़ प्रबंधन और वीआईपी एंट्री पर सख्ती

भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के नियमों को कड़ा करने का निर्णय लिया है:

  • वीआईपी एंट्री पर रोक: हालिया हादसे को देखते हुए पूजा पंडालों में किसी भी प्रकार के वीआईपी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • भीड़ नियंत्रण: आवश्यकता पड़ने पर पंडालों में आम दर्शकों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा, ताकि जरूरत से ज्यादा भीड़ जमा न हो सके।
  • मजिस्ट्रेटों की तैनाती: मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंपने और श्मशान घाट तक की अंतिम संस्कार प्रक्रिया में मदद के लिए अलग-अलग स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है।

सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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