विशेष संवाददाता,रांची/नई दिल्ली एडवर्टाइज़िंग स्टैंडर्ड्स काउन्सिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने वर्ष 2022-23 के लिए अपनी वार्षिक शिकायत (एनुअल कम्‍प्‍लेंट) रिपोर्ट जारी की है, जिसमें विज्ञापनों से संबंधित अनेक चौंकाने वाली टिप्पणियां शामिल हैं। ये टिप्पणियां विशेष रूप से डिजिटल क्षेत्र में किए गए विज्ञापनों से संबंधित हैं। संबंधित अवधि के दौरान एएससीआई ने प्रिंट, डिजिटल और टेलीविज़न सहित विभिन्न मीडिया में किए गए 7,928 विज्ञापनों की समीक्षा की। एएससीआई ने विज्ञापनों की जांच में पिछले 2 वर्षों में करीब दोगुना वृद्धि की है। टीवी और प्रिंट मीडिया में विज्ञापन करने वाले सबसे अधिक अनुपालक बने हुए हैं,जिनका अनुपात 94% है, जबकि डिजिटल विज्ञापनों के कारण समग्र अनुपालन का स्‍तर 81% के निम्न स्तर पर है। इस प्रकार डिजिटल विज्ञापन न केवल प्रमुख उल्लंघनकर्ता बन कर सामने आए हैं।जैसा कि संसाधित विज्ञापनों का 75% डिजिटल क्षेत्र है, बल्कि वे सबसे कम आज्ञापालक भी साबित हुए हैं। यह ऑनलाइन क्षेत्र में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय है।





रिपोर्ट के अनुसार रियल मनी गेमिंग उद्योग सर्वाधिक उल्लंघनकर्ता क्षेत्र के रूप में उभर कर शिक्षा के क्षेत्र से आगे निकल गया है और उल्लंघन की सूची में पांचवें स्थान से प्रथम स्थान पर आ गया है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एएससीआई द्वारा समीक्षा किए गए गेमिंग विज्ञापनों की विशाल संख्या (92%) द्वारा रियल मनी गेमिंग के लिए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया,जिन्होंने उपभोक्ताओं को वित्तीय नुकसान और लत लगने के जोखिम के बारे में सूचित करने में चूक की। यह क्षेत्र सबसे कम अनुपालन करने वाले के रूप में भी बदनाम रहा, जिसने ध्यान दिलाने के बाद भी केवल 50% विज्ञापनों को स्वेच्छा से संशोधित किया।





एएससीआई के चेयरमैन एनएसराजन ने कहा कि डिजिटल विज्ञापन का परिदृश्य सचमुच हम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण है और एएससीआई कोई अपवाद नहीं है। एआई आधारित साधनों के माध्यम से अपनी चौकसी को बढ़ाने और एक मजबूत शिकायत प्रबंधन व्यवस्था से एएससीआई ने इस गतिशील वातावरण के साथ गति बनाए रखी है। उपभोक्ताओं की नई चिंताओं को परिलक्षित करने के लिए हमारी आचार संहिता को अद्यतन करने से एएससीआई कोड्स को समसामयिक बनाए रखना सुनिश्चित होता है। हम पारदर्शिता और भविष्य में सामने आने वाली विशेषज्ञता के साथ भारतीय विज्ञापन उद्योग के विवेक के रक्षक के रूप में लगातार काम करते रहेंगे।