नई दिल्ली:
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर द्वारा अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने को लेकर दिए गए बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की वर्तमान स्थिति और ईरान को भेजी जा रही मानवीय सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का रुख साफ किया।
1. अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर टकराव पर विदेश मंत्रालय का रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति तब तनावपूर्ण या खराब होती है, जब चीनी सेना (PLA) स्थापित और तय गश्ती (Patrolling) प्रक्रियाओं से अलग हटकर गतिविधियां करती है।
- डिप्लोमैटिक व मिलिट्री चैनलों से बातचीत: दोनों देश LAC पर लंबित मुद्दों के समाधान और किसी भी प्रकार की गलतफहमी या गलत आकलन (Miscalculation) से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्र का निरंतर उपयोग कर रहे हैं।
- विशेष क्षेत्रों में आपसी समझ पर सहमति: सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दोनों पक्ष कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में LAC को लेकर आपसी समझ को बेहतर करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सहमत हुए हैं।
- द्विपक्षीय संबंधों की शर्त: विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन के बीच सामान्य द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता (Peace and Tranquility) बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
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2. आईटीबीपी डीजी ने क्या कहा था?
इससे पहले ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने खुलासा किया था कि पिछले कुछ समय में अरुणाचल प्रदेश सीमा पर कई स्थानों पर भारतीय जवानों और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति (Face-off) बनी है।
- उन्होंने बताया था कि ITBP के जवानों और विशेष 'शौर्य फोर्स' के कमांडोज ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चीनी सैनिकों का मुंहतोड़ जवाब दिया।
- उनके इस बयान के बाद देश में सीमा सुरक्षा और चीन के साथ संबंधों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी और विपक्षी दलों ने सरकार से सवाल पूछे थे।
3. ईरान को जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति और एयरस्पेस क्लीयरेंस
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी सैन्य संघर्ष के बीच एयरस्पेस क्लीयरेंस और उड़ानों से जुड़ी चुनौतियों पर भी विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की:
- मानवीय सहायता जारी: भारत ईरान को संकट के इस दौर में जीवन रक्षक दवाओं (Life Saving Medicines) की निरंतर आपूर्ति में मदद कर रहा है।
- फ्लाइट कनेक्टिविटी की चुनौतियां: क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण दोनों देशों के बीच सीधी फ्लाइट कनेक्टिविटी और एयरस्पेस उपयोग को लेकर कई तकनीकी व सुरक्षात्मक चुनौतियां पैदा हुई हैं।
- ईरानी अधिकारियों से संपर्क: विदेश मंत्रालय मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए दवाओं की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने ईरानी समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।
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