रांची।मुख्यमंत्री आवास के बाद रविवार को झारखंड का स्टेट गेस्ट हाउस सियासी केंद्र बिंदु रहा।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय से मुलाकात की।बंद कमरे में दोनों लोगों के बीच घंटों बैठक चली।इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
महागठबंधन के बीच जो संशय उत्पन्न हुई थी और जो गिले-शिकवे थे उसे बैठक में दूर कर लिया गया है।इसके बाद कांग्रेस-झामुमो कोटे के मंत्री-विधायकों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस सीएम हाउस में हुई।महागठबंधन विधायक दल की भी बैठक हुई।बैठक में कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय भी मौजूद रहे। कांग्रेस विधायकों के एक दिन पहले लगेज के साथ सीएम आवास पहुंचने और राजधानी रांची से बाहर जाने पर आलाकमान ने नाराजगी जतायी है।कांग्रेस विधायकों के झारखंड से बाहर जाने तक की बातें सामने आ रही थी,लेकिन कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद विधायकों को लगेज छोड़कर खूंटी से ही पिकनिक मनाकर वापस आना पड़ा।
सूत्रों की अगर मानी जाए तो कांग्रेस आलाकमान की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय से मिलने पहुंचे थे।अविनाश पांडेय के प्रभारी बनने के बाद ये पहला मौका है जब सीएम खुद बिना सूचना दिए उनसे मिलने पहुंचे।इससे पहले अविनाश पांडेय जब झारखंड कांग्रेस के प्रभारी बने थे तो तीसरी बार रांची का दौरा करने के समय उनकी मुलाकात सीएम से हुई थी।
सरकार को अस्थिर करने की हो रही साजिश अविनाश
झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने विधायकों और मीडियाकर्मियों से एक-एक कर मुलाकात की।अविनाश पांडेय ने मंत्री बादल, विधायक दीपिका पांडेय सिंह और कुमार जयमंगल से मुलाकात की।उन्होंने पत्रकारों से मिलने पर कहा कि झारखंड में अभी भी सस्पेंस बरकरार है।स्थिर सरकार को अस्थिर करने की साजिश हो रही है। यह सब विपक्ष की साजिश है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है।
प्रभारी ने कांग्रेस विधायकों की लगाई थी क्लास
कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय शनिवार को रांची पहुंचने के बाद पार्टी विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने विधायकों से सीधा सवाल पूछा कि जब उन्हें रांची में ही रहने का निर्देश था तो लगेज लेकर सीएम आवास कैसे पहुंच गए। इसके बाद खूंटी में पिकनिक मनाने, बोटिंग करने से लेकर सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। यह विधायकों को शोभा नहीं देता है। महागठबंधन सरकार में निर्णय घटक दलों को मिलकर लेना होगा। ऐसे में रांची से बाहर जाने के पूर्व आलाकमान की सहमति जरूरी है।
आरोप सरकार गिराने का कुचक्र चला रही है भाजपा
अविनाश पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार को गिराने के लिए भाजपा कुचक्र रच रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार अगर मुख्यमंत्री की सदस्यता जाती है तो महागठबंधन के विधायक एक साथ बैठक कर अपना फैसला लेंगे। राज्य में सरकार कई अहम निर्णय ले रही है। सुखाड़ पर भी कड़े कदम उठाने जा रही है। ऐसे में इस तरह राजनीतिक अस्थिरता का माहौल कर लोग राजनीतिक रोटी सेक रहे हैं।





