रांची।वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने जा रहे चुनाव के बीच अचानक एक ऐसे नेता आ धमके है,जिनकी पहचान अभी एक राज्य तक सीमित थी।ये नेता हैं झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और मेदिनीनगर के कृष्णानंद त्रिपाठी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे।





दिल्ली में शुक्रवार को केएन त्रिपाठी ने अपना नामांकन दाखिला किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ने के संबंध में पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा,उसका पालन करेंगे।आज पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। पार्टी नेताओं का जो भी निर्णय होगा उसका सम्मान करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए वह कितने गंभीर हैं और क्या पार्टी आलाकमान से इस संबंध में कोई बातचीत हुई है, यह पूछे जाने पर त्रिपाठी ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र है। आंतरिक लोकतंत्र का यह तकाजा है कि एक किसान का बेटा अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ सकता है। भाजपा में ऐसा संभव नहीं है।





आपको बता दें कि राजनीति में आने से पहले कृष्णानंद त्रिपाठी एयरफोर्स में थे। सेना की नौकरी छोड़कर केएन त्रिपाठी राजनीति में आए। केएन त्रिपाठी ने 2005 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार डालटनगंज विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े,लेकिन इंदर सिंह नामधारी से पराजित हुए। 2009 में कांग्रेस से डालटनगंज विधानसभा से विधायक बने। विधायक बनने के बाद केएन त्रिपाठी को राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री बनने का मौका मिला। डालटनगंज के रेड़मा काशी नगर मोहल्ले के रहने वाले केएन त्रिपाठी किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।