बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का और रामनगरी अयोध्या का त्रेता युग से अटूट रिश्ता रहा है।कहा जाता है कि प्रभु श्रीराम ने तीनों भाइयों के साथ यही पर अपनी प्रारम्भिक शिक्षा ग्रहण की थी।त्रेता युग में महर्षि वशिष्ठ का बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के बढ़नी गांव में आश्रम था।
योगी सरकार के निर्देश पर ज़िला प्रशासन अब इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है।गुरु वशिष्ठ के आश्रम से लेकर मन्दिरों तक का निर्माण कार्य बड़ी तेजी से चल रहा है।अब गुरु वशिष्ठ के आश्रम तक जाने वाले रोड़ को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे आश्रम तक आने वाले पर्यटकों को कोई दिक्कत न हो।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से गोटवा से चार किलोमीटर दक्षिण दिशा में त्रेता युग में गुरू वशिष्ठ का आश्रम हुआ करता था।यहां पर प्रभु श्रीराम सहित उनके भाइयों ने प्रारम्भिक शिक्षा ग्रहण की थी।प्रभु श्रीराम से जुड़े सभी स्थलों का पौराणिक और सांस्कृतिक का विकास हो रहा है।इसी क्रम में गोटवा से बढ़नी तक राष्ट्रिय राजमार्ग बनाया जा रहा है।जिससे पर्यटकों को गुरु वशिष्ठ के आश्रम तक आने जाने में दिक्कत न हो।चार किलोमीटर के इस राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम महर्षि वशिष्ठ के नाम पर रखा जाएगा।जल्द ही एनएचएआई द्वारा इसका निर्माण करवाया जाएगा।





