वाराणसी।पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बारिश के बाद नदियां मैदानी क्षेत्र में उफान पर हैं।कानपुर गंगा बैराज से लगातर पानी भी छोड़ा जा रहा है। बुधवार को भी 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया।वाराणसी में गंगा 63 मीटर से ऊपर बह रही है।दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध आरती का स्थल पर बदल गया है।वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने से 84 घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है।गंगा सेवा निधि द्वारा कराई जाने वाली गंगा आरती का आरती स्थल इस साल पहली बार बदला गया। आरती स्थल अपने मूल स्थान से लगभग 10 फीट पीछे किया गया है।





पहली बार बदला आरती स्थल





गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी मां गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में गंगा आरती का स्थान पहली बार बदला गया है। उन्होंने बताया कि अब जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ेगा वैसे-वैसे स्थान बदलता जाएगा।





टूटा घाटों का संपर्क, नाविक सहेज रहे नाव





केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और गंगा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गंगा का जलस्तर लगातर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। 36 घाटे में गंगा का जलस्तर सवा फीट बढ़ा है। ऐसे में तीर्थ पुरोहित और नाविक अपना सामान समेटने में लगे हुए हैं।