गुम सुम बैठे हैं जरूर कोई बात है,ओपी राजभर की खामोशी खड़े कर कर रही सवाल
गुम सुम बैठे हैं जरूर कोई बात है,ओपी राजभर की खामोशी खड़े कर रही सवाल <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश

लखनऊ।उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव के सियासी रण में सपा गठबंधन के पराजय के बाद से ही सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर के अगले कदम को लेकर कयासों का बाजार गर्म हैं। राजभर ने 2017 विधानसभा चुनाव का सियासी रण भाजपा के साथ लड़ा और मंत्री बने थे। राजभर ने इस बार सपा की जीत से बहुत अच्छे दिनों की आस की थी,लेकिन नतीजों से निराशा ही मिली।अब माना जा रहा है कि राजभर एक बार फिर सरपट दौड़ लगाते हुए भाजपा सरकार में शामिल हो सकते हैं।हाल ही में दिल्ली में भाजपा के शाह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की खबर भी आई थी। मुलाकात की खबरों को भले ही राजभर ने खारिज कर दिया हो,लेकिन जिस तरह होली के पहले से ही राजभर ने चुप्पी साधी हैं,उससे एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या ये राजभर के रंग बदलने के संकेत हैं।
ओपी राजभर लगभग 9 दिनों से सुर्खियों से पूरी तरह से गुम हो गए हैं।राजभर न सिर्फ मीडिया से दूर हुए हैं,बल्कि सोशल मीडिया पर भी कुछ बधाई संदेश और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तस्वीरों के अलावा ट्विटर और फेसबुक पर भी चुप्पी साध ली हैं।सवालों को मजबूत बल इसलिए भी मिला है,क्योंकि राजभर इस तरह चुप्पी साधकर राजनीति करने को लेकर नहीं जाने जाते हैं।राजभर बहुत मुखर रहने वाले नेता हैं और विपक्ष पर लगातार निशाना साधकर तीर चलाने में आगे रहते हैं, लेकिन जिस तरह पिछले कुछ दिनों में राजभर योगी सरकार और भाजपा को लेकर एक भी शब्द नहीं बोला है, उसके बाद ये सवाल उठने लगा है कि क्या चुनाव में तीखे बयानों के तीर चलाने वाले राजभर अब माहौल को साजगार बनाने में जुट गए हैं।
राजभर मौके की तलाश में
सूत्रों से खबर है ओपी राजभर अभी सपा के साथ रहना या भाजपा के साथ जाना इसे लेकर अपने नफा और नुकसान के आकलन में जुटे हुए हैं।राजभर लगातार अपने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं और उनके मन को टटोल रहे हैं।राजभर अगर इस समय पाला बदलते हैं तो उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो जाएंगे।इसलिए वो अच्छे मौके की तलाश करेंगे।
भाजपा ने राजभर के लिए खुला रखा है दरवाजा
विधानसभा चुनाव के सियासी रण में 6 सीटों पर जीत दर्ज करने वाले राजभर ने पूर्वांचल की कई सीटों पर भाजपा को नुकसान पहुंचाया है।माना जा रहा है कि अगले 2024 लोकसभा चुनाव के सियासी रण से पहले भाजपा राजभर को अपने साथ लेकर इस नुकसान की भरपाई सुनिश्चित कर लेना चाहती है।तमाम कड़वाहट के बाद भी भाजपा ने राजभर के लिए दरवाजा खोल रखा हैं और यही कारण है कि राजभर के अच्छे दोस्त भाजपा उपाध्यक्ष बलिया सदर से भाजपा विधायक दयाशंकर सिंह ने खुलकर कहा था कि राजभर को भाजपा के साथ आ जाना चाहिए।भाजपा ही उनके समाज का भला कर सकती है।
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