गुवाहाटी से हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार, झारखंड के अलावा बिहार, असम और बंगाल में भी था सक्रिय
गुवाहाटी से हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार, झारखंड के अलावा बिहार, असम और बंगाल में भी था सक्रिय <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची। झारखंड पुलिस की निशानदेही पर प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (इआरबी) अरुण कुमार भट्टाचार्य उर्फ ज्योतिष उर्फ कबीर उर्फ कंचन दा (65) को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया है।वह पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शिवपुर शालीमार रोड का रहने वाला हैं।
2004 तक अरुण कुमार भट्टाचार्या उर्फ कबीर उर्फ कंचन उर्फ कनक दा को सैक सदस्य से सेंट्रल कमिटी सदस्य के तौर पर प्रोन्नति दी गई थी। 2019 तक सारंडा इलाके में रह कर कंचन ने कैडरों को जोड़ने का काम किया था।कंचन पार्टी के विचारधारा से लोगों को जोड़ने का काम करता था। बीते दो सालों से असम व नार्थ ईस्ट रीजन का प्रभारी बनाया गया था। बंगाल, असम के साथ साथ वह झारखंड और बिहार में भी काफी प्रभावी रहा था।
महाराज प्रमाणिक ने दी थी पहली तस्वीर
जनवरी में पुलिस के सामने सरेंडर करने वाले महाराज प्रमाणिक ने रंजीत बोस के खिलाफ पुलिस को बड़ी जानकारी दी थी। पहली बार प्रमाणिक के मोबाइल से ही रंजीत की तस्वीर झारखंड पुलिस को हाथ लगी थी। महाराज ने बताया था कि रंजीत बोस अब असम में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहा है। महाराज से मिली जानकारी को झारखंड पुलिस ने असम पुलिस के साथ शेयर किया था। जिसके बाद रंजीत की गिरफ्तारी असम से हुई।
कई सालों सारंडा में रहा सक्रिय
कंचन दा भाकपा माओवादियों का काफी गुप्त चेहरा रहा था। पुलिस को रंजीत के बारे में सिर्फ इतनी ही जानकारी मिली थी कि वह माओवादी संगठन का बड़ा रणनीतिकार है। पार्टी में नए कैडरों को कैसे जोड़ा जाए, माओवादी पार्टी की दशा- दिशा क्या होगा, इन नीतिगत चीजों में रंजीत की दखल थी। सारंडा में प्रशांत बोस के साथ रंजीत की काफी अच्छी पैठ थी। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, रंजीत बोस की गिरफ्तारी माओवादियों के लिए बड़ा झटका साबित होगी।
पुलिस की मानें तो भाकपा माओवादी सेंट्रल मेंबर कमेटी में कुल आठ सदस्य बच गये हैं।इनमें से चार मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल उर्फ सागर, असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर, अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश और प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना उर्फ नागो मांझी उर्फ करण दा झारखंड में ही रहकर संगठन का काम कर रहे हैं।
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