वाराणसी।देवाधिदेव महादेव का सबसे प्रिय महीना सावन है।सावन में बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में चारों तरफ़ बम-बम बोल रहा है काशी की गूंज ज़मीन से लेकर आसमान तक गूंजती हैं।आखिर ये गूंज गूंजे भी क्यों न देश से लेकर विदेश तक से आने वाले श्रद्धालु सावन महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन के लिए लाखों की संख्या में आध्यात्मिक नगरी काशी आते हैं।
आपको बता दें कि बाबा विश्वनाथ का दर्शन और पूजन के इस महीने में कावड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु इस बार फैशन वाले परिधान में नजर आएंगे।बनारस के बाजार में बाबा विश्वनाथ के गेरुआ वस्त्र भगवान शिव के चित्र वाले वस्त्र की काफी मांग है।पूजा के लिए दुकानों में गेरुआ वस्त्र बिकने लगे हैं।कई लोगों ने गेरुआ रंग का कुर्ता बनवाया है तो क़ई ने टीशर्ट, शर्ट,पजामा,लुंगी और गमछा पहनकर भी पूजा करते हुए दिख रहे हैं।महिलाओं के लिए गेरुआ रंग की साड़ी बाजार में बिक रही है। गेरुआ रंग का सलवार कुर्ता विद दुपट्टा की भी मांग है। गेरुआ वस्त्र के प्रति भक्तों का खासा लगाव है।मान्यता है कि बाबा विश्वनाथ के धाम गेरुआ वस्त्र पहन कर ही जाया जाता है।गेरुआ वस्त्र का खास महत्व होता है।लिहाजा सावन के लिए गेरुआ वस्त्रों की भी खरीदारी शुरू हो चुकी है।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार महंगाई बढ़ने के कारण कपड़ों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।बाजार में कांवरियों के लिए शिव और त्रिशूल बने टी शर्ट और सिर पर बांधने के लिए भगवान शंकर की छपी फोटो वाला पटना बाजार में पहुंच गया।इसे युवा शिव भक्त काफी पसंद कर रहे हैं।वहीं महिलाओं के लिए कॉटन और सिंथेटिक साड़ी, स्ट्रेट पैंट, पटियाला, कुर्ती केसरिया और हरे रंगों में उपलब्ध है।
गेरुवा वस्त्र बेचने वाले एक कई दुकानदारों ने बताया कि सावन महीने में शिवभक्तों के बीच गेरुवा वस्त्र की मांग बढ़ जाती है।इस बार शिवभक्त भगवान शिव के चित्र वाले टीशर्ट, बैग, पर्स, गेरुआ लोवर और टोपी की काफी मांग है।जिस तरह से गेरुआ वस्त्रों की बिक्री हो रही है।उसे देखकर लगता है कि इस बार श्रद्धालुओं की काफ़ी भीड़ होने वाली है।संजय केसरी ने बताया कि भक्तों के लिए बने परिधानों को बेचने में दुकानदार भी काफ़ी खुश नजर आ रहे है। उन्होंने बताया कि जिस तरह प्रदेश सरकार कांवरियों को सुविधा दे रही है उसी प्रकार हमारा व्यवसाय भी बढ़ रहा है।
कांवरिया फैशन वाले ड्रेस पहली पसंद
बनारस का बाजार इन दिनों गेरुआ रंग में रंगा हुआ है। आध्यात्मिक नगरी काशी में श्रावण मास की तैयारियों को लेकर कांवरियां खरीदारी करने में जुटे हैं।इस बार बाज़ार में कांवरियां भी फैशन के रंग में रंगे नज़र आएंगे।काशी में श्रावण मास में लाखों की संख्या में भक्त श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।श्रावण की तैयारियों को लेकर इस बार कांवरिया फैशन वाले वस्त्र काफ़ी पसंद कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सबसे ज्यादा इस बार भगवान शिव की तस्वीर वाले टीशर्ट के साथ गेरुआ रंग में अपना टाइम आएगा लिखे टी-शर्ट को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
स्लोगन लिखे हुए वस्त्र बिक रहे अधिक
गेरुआ वस्त्र खरीदने करने आए ग्राहक राज बताते हैं कि कई श्रद्धालु सावन के महीने में दान-पुण्य का भी करते हैं। वह दान-पुण्य में साड़ी, धोती, गमछा और कुर्ते के कपड़े की खरीदारी करते हैं।ध्यान देने वाली बात यह है कि धोती गेरुआ रंग की बिकती है।इसे बोलचाल में बोल बम कलर पुकारा जाता है। ऊं नम: शिवाय लिखे गमछे की विशेष मांग होती है।सावन के गीतों की भी मांग होती हैं।ऐसे स्लोगन लिखे वस्त्र खूब बिक रहे हैं।





