प्रतिनिधि,हंटरगंज(चतरा)। थाना क्षेत्र के उरैली गांव में गैरमजरूआ जमीन को एक व्यक्ति के पक्ष में लगभग सत्ताइस एकड़ जमीन के पच्चीस साल से रद्द जमावंदी को चालू कर दिए जाने सें और जमीन हड़पने की नीयत से झूठा मुकदमा में फंसाने को लेकर ग्रामीणों में उबाल है।मामले ने तूल उस वक्त पकड़ा जब विवादित भूमि को देवकी ठाकुर के दामाद एवं केदली खुर्द गांव निवासी अखलेश ठाकुर के द्वारा हथियाने का प्रयास किया। इस संबंध में 40 से 50 की संख्या में ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह राज्य के मंत्री सत्यानंद भोक्ता से चतरा आवास पर मुलाकात कर न्याय के लिए गुहार लगाया है।





दिये गए आवेदन में बताया गया है कि उरैली गांव के शिवशंकर ठाकुर पिता देवकी ठाकुर ने पूर्व अपर समाहर्ता संतोष कुमार एवं सेवानिवृत्त हंटरगंज सीओ मिथलेश ठाकुर की मिली भगत से उरैली वनसीमा से 19/10|69 की रीलिज जमीन 52.70 डी. में 26.95 डी. अपने दादा दुर्गा ठाकुर के नाम से फर्जी जमाबंदी चालू करा लिया गया है। जबकि उक्त जमीन को वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की मांग पर 16-10-1969 को सोहराय राम सहित 15 अन्य लोगों के नाम रीलीज किया गया था।इस जमीन का किसी भी भूभाग पर देवकी ठाकुर के द्वारा अब तक जोतकोड़ नही किया गया है।इस जमीन पर कुछ दबंग लोग डिमांड रद्द होने के वाद भी खरीद कर जबरन कब्जा करना चाहते थे। कुछ साल पूर्व दूसरे गांव के पच्चीस से तीस लोगों को जमीन हड़पने के नियत से घर बनवाने का असफल प्रयास किया गया था।जिसे किसानो ने जमकर विरोध किया और मारपीट भी हुई थी।





इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि सीओ मिथलेश ठाकुर के द्वारा फर्जी एवं बाजारु कागजात पर देवकी ठाकुर को स्वजातीय होने का फायदा पहुंचाया गया है।चूंकि पहले 87-88 से 95-96 के बीच भूमि उपसमाहार्ता एवं अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में मुकदमा चला था,जिसमें कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया था।बार-बार नोटिस पर भी कोई कागज प्रस्तुत नही करने के कारण संदेहास्पद जमाबंदी को निरस्त करते हुए सुयोग व्यक्तियों के नाम बंदोबस्ती प्रस्ताव की मांग से संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी ने सीओ से मांग किया गया था। परंतु दबंग लोगों के द्वारा उक्त जमीन पर गिद्ध दृष्टि गड़ाए रखा गया और भूमिहीन किसानों को बरगलाने का प्रयास किया गया तथा बंदोबस्ती भी नहीं होने दिया गया, जिसके बाद उक्त जमाबंदी को निरस्त किए करीब 25 साल बीत गए। गांव के भूमिहीन किसान प्रत्येक साल जोतकोड़ करते आ रहे है। 25 साल बाद 2020-21 में देवकी ठाकुर के पुत्र शिव शंकर ठाकुर ने हंटरगंज सीओ मिथलेश ठाकुर एवं तत्कालीन अपर समाहर्ता संतोष कुमार की मिलीभगत से रद्द जमाबंदी को बाजारु कागजात के सहारे चालू करवा लिया गया है।इस संबंध में भूमिहीन किसानों ने 2021-22 में इसकी शिकायत तत्कालीन डीसी और अपर समाहर्ता से किया था। परंतु जांच नहीं होने से लोगों में आक्रोश भी बना हुआ है।





आवेदन में कहा गया है कि देवकी ठाकुर और उनके पुत्र शिव शंकर ठाकुर के द्वारा डेढ़ दर्जन लोगों के विरूद्ध षड्यंत्र रच कर चार बार ग्रामीणों को झूठे मुकदमा में फंसाया जा चुका है। इस पर उपायुक्त एवं अपर समाहर्ता चतरा से उरैली गांव के भूमिहीन किसानो ने अवैध जमाबंदी को जांच कराने की मांग की है। लोगों का मानना है कि जमीदारी तो चली गई परंतु उच्च पदाधिकारी किस नियम के तहत एक व्यक्ति के नाम 26 एकड़ 95 डिसमिल जमीन की जमाबंदी चालू कर दी। जबकि उक्त जमीन को दर्जनों किसानो के द्वारा कब्जे में जोतकोड़ करते आ रहे है। ग्रामीणों ने 26.95 डी का डिमांड रद्द कर न्याय की गुहार लगाया है।