रांची।जदयू में 16 अक्तूबर को झारखंड जनता दल का विलय होगा।यह घोषणा झारखंड जनता दल के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने गुरुवार को राजधानी रांची के स्थानीय होटल में प्रेस वार्ता में की।राणा ने बताया कि सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला करने के लिए हम लोग नीतीश कुमार के साथ मिलकर काम करेंगे।राणा राज्य में जदयू और राजद के प्रदेश अध्यक्ष की कमान भी संभाल चुके हैं।
गौतम सागर राणा ने बताया कि 16 अक्तूबर को कार्निवल हॉल रांची में आयोजित समारोह में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह की मौजूदगी में झारखंड जनता दल का विलय जदयू में होगा।राणा ने कहा कि देश में सांप्रदायिक विचारधारा का बोलबाला है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़कर इस विचारधारा को चुनौती दी है। भाजपा की सांप्रदायिक सोच, पूंजीवाद और बेरोजगारी के खिलाफ आज राष्ट्रीय पटल पर वैचारिक लड़ाई में एकजुट होने का समय आ गया है। देश में वर्तमान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और समान विचारधारा वाले सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर संप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ने की जरूरत है।
राणा ने कहा कि सुनियोजित तरीके से भाजपा देश से गरीबों को मिटाना चाहती है।सामंतवादी और आरएसएस एक हो रहे हैं।हम लोगों को भी एक होना होगा।मन से जब हम एक होंगे तभी देश आगे बढ़ सकता है।राणा ने कहा कि पूरे झारखंड में हम सामंतवादी के खिलाफ राज्यस्तरीय दौरा करेंगे।नवंबर में जदयू की एक विशाल रैली झारखंड में होगी, जिसमें पांच लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। 2024 में पूरे देश में यूपीए और एनडीए गठबंधन के बीच चुनावी मुकाबला होगा।हमारी पार्टी जदयू की विचारधारा से प्रभावित होकर जदयू में शामिल हो रही है।
प्रेस वार्ता में झारखंड जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष आबिद अली, उपाध्यक्ष अर्जुन यादव, संसदीय बोर्ड की अध्यक्ष शारदा देवी, प्रभात रंजन, प्रदेश महासचिव प्रणय कुमार बबलू विक्रांत विश्वकर्मा, चंद्रशेखर भगत, राजेश कुमार, शब्बर फातमी, रामानंद शर्मा, शाहिद इकबाल, शाहबाज अहमद समेत कई लोग मौजूद थे।





