वरीय संवाददाता,रांची।झारखंड बचाओ मोर्चा के केंद्रीय संयोजक सह आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने मुख्यमंत्री को एक बार फिर से भेजे गए ईमेल पत्र के माध्यम से कहा कि जातीय जनगणना की दिशा में ठोस पहल किया जाना चाहिए।





श्री नायक ने मुख्यमंत्री और झारखंड के सर्वदलीय शिष्टमंडल के सदस्यों के द्वारा जातीय गणना कराने के लिए उठाए गए पूर्व के कदमों का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि 2 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने जब इस दिशा में कोई पहल नहीं की तब झारखंड सरकार को हाथ में हाथ धरकर नहीं बैठना चाहिए था। बल्कि बिहार सरकार के तर्ज पर अपने आंतरिक संसाधनों के बदौलत जातीय गणना करा लेना चाहिए।





श्री नायक ने कहा कि अगर झारखंड की हेमंत सरकार केंद्र सरकार के भरोसे नहीं रहती और खुद अपने आंतरिक संसाधनों के बदौलत जातीय गणना कर लेती तो हो सकता है की जातीय गणना कराने वाला यह देश का पहला राज्य होता। अब तक इसके आंकड़े भी आ जाते तथा झारखंड के अनुसूचित जाति/ जनजाति/ पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों को इसका आरक्षण में लाभ भी मिल गया होता।





श्री नायक ने झारखंड सरकार से मांग किया कि अनुसूचित जाति /जनजाति/ पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों के हितों का सवाल को देखते हुए खुद अपने आंतरिक संसाधनों के बदौलत जातीय गणना करने की दिशा में ठोस पहल करके एक नया इतिहास बनाएं।