झरिया के बाटा मोड़ में जाम में फंसी एंबुलेंस, महिला मरीज की हुई मौत,जाम के कारण रेंगते रहे वाहन
झरिया के बाटा मोड़ में जाम में फंसी एंबुलेंस,महिला मरीज की हुई मौत,जाम के कारण रेंगते रहे वाहन <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

धनबाद।झरिया शहर में बाटा मोड़ के पास लगे भीषण जाम में मंगलवार को एक एंबुलेंस फंस गई।रास्ता न मिलने और समय पर अस्पताल न पहुंचने से एंबुलेंस में 65 वर्षीय सावित्री देवी की मौत हो गई।पांच मिनट में दूरी तय कर अस्पताल पहुंचा जा सकता था, लेकिन इतनी कम दूरी को भी एंबुलेंस पार कर नहीं पाई।लक्ष्मीनिया मोड़ से चार नंबर तक घंटों जाम लगा रहा इस दौरान वाहन रेंगते हुए नजर आए।
300 मीटर की दूरी तय हो जाती तो नहीं जाती सावित्री की जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोयरीबांध निवासी गया प्रसाद चौधरी की पत्नी 65 वर्षीय सावित्री देवी ठंड लगने से कई दिनों से बीमार चल रही थी।मंगलवार तक तबीयत ठीक नहीं हुई तो पति ने एंबुलेंस बुलाई।उसके बाद एंबुलेंस से झरिया लाइफ लाइन अस्पताल ले जाने लगे, एंबुलेंस से सावित्री को लेकर अस्पताल जा रहे थे,तभी एंबुलेंस बाटा मोड़ के पास जाम में फंस गई।परिजन व महिला पुलिस एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए मशक्कत करते रहे,लेकिन जाम इस कदर लगा था कि एंबुलेंस न तो आगे जा सकती थी और न ही पीछे जा सकती थी। समय पर इलाज न होने से सावित्री की मौत एंबुलेंस में ही हो गई,जबकि बाटा मोड़ से लाइफ लाइन अस्पताल मात्र पांच मिनट में पहुंचा जा सकता था, लेकिन वहां तक एंबुलेंस को पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया।परिजन जब सावित्री को लेकर लाइफ लाइन अस्पताल पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।डॉक्टरों ने सावित्री को मृत घोषित कर दिया।
कोयरीबांध निवासी सह पेंशनर समाज के झरिया प्रखंड अध्यक्ष गया प्रसाद चौधरी का कहना कि उनकी पत्नी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे।जाम में फंसने से समय पर एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंच सकी।हमारा दुर्भाग्य है कि अस्पताल बहुत पास होने के बाद भी पत्नी की जान नहीं बचा पायें।एंबुलेंस के ड्राइवर सूरज कुमार का कहना कि झरिया बाटा मोड़ में जाम होने के कारण मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाया और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
झरिया में एक दर्जन है टाइगर जवान, फिर भी लगता है जाम
झरिया थाने में एक दर्जन टाइगर जवान है,लेकिन, अधिकारियों ने झरिया शहर की विधि-व्यवस्था व ट्रैफिक सुधारने के लिए जवानों को नहीं लगाया। सबसे मजेदार बात ये है कि जाम के समय भी कई टाइगर जवान चाय दुकान पर खड़े होकर आपस में बातचीत करने में मशगूल थे।स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी नजर सिर्फ मालवाहक ट्रक, बिचाली वाहन एवं अवैध कारोबारियों पर ही रहती है।
आपको बता दें कि झरिया में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने व जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा झरिया बाजार में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को जाम से निजात नहीं मिल रही है। आये दिन लक्ष्मीनिया मोड़, सब्जीपट्टी, मेन रोड, चार नंबर, धर्मशाला रोड में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
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