प्रतिनिधि,धनबाद। धनबाद जिला राजनीतिज्ञयो, औद्योगिक नगरी एवं कोयले के कारण देश के साथ विदेश में भी जाना जाने वाला शहर है।धनबाद की राजनीति की बात करें तो सांसद पशुपतिनाथ सिंह भाजपा के हैं, सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो भाजपा के हैं और राज्य में शासन जेएमएम का है। अर्थात धनबाद जिले के सिंदरी शहर को केंद्र और राज्य दोनों ही सरकार का लाभ होना चाहिए, किन्तु उल्टा यहां के लोग रोजगार, मंहगाई, अस्पताल, यातायात आदि से राहत के लिए तरस रहे हैं और दोनों ही सरकार एक दूसरे पर दोषारोपण कर अपनी जिम्मेदारियों से मुख फेरे हुए हैं।एक तरफ केंद्र सरकार और यातायात के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समय में दिन दूनी सड़क निर्माण हुआ है, पर धनबाद जिले का सिंदरी संप्रभूता के बाद भी उपेक्षा का दंस लिए किसी चमत्कार का इंतजार कर रहा है। झरिया सिंदरी मुख्य मार्ग के अंतर्गत आने वाली सड़क का डिवीसी मोड़ से लेकर सिंदरी बस्ती तक लगभग हजारों गड्ढों के परवान चढ़ा हुआ है। हाल ही में झारखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी इसी खस्ताहाल सड़क से बलियापुर आए थे। उनके आने से पहले गड्ढों में लाला इंटा का चूरा डलवा कर चलने के लायक बानवा दिया गया था, उसके बाद चार - पांच दिनों की पानी से सड़क की बदहाली की कहानी सबको पता चल गया।धनबाद के लोग जानना चाहते हैं कि क्या उन्हें अच्छे सड़क पर चलने का अधिकार नहीं है, क्या जिस भी ठेकेदार को काम मिला है, वो क्या फिलहाल बारिश खत्म होने तक और सड़क निर्माण से पूर्व कुछ वेस्ट मेटेरियल से बड़े-बड़े गड्ढों को भरवा नहीं सकते।ये सभी चीज सोच पर निर्भर करता है कि आखिर आप समाज को क्या दे सकते हैं और समाज से आपको क्या चाहिए।