धनबाद।झारखंड की पहली आठ लेन सड़क की डीपीआर ही गलत गई।पीएचइडी के विंग ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई और नगर निगम के इंजीनियर के चलते आठ लेन सड़क की गलत डीपीआर बनाई गई।नतीजा ये हुआ कि अब आठ लेन सड़क के बजट को 10 करोड़ बढ़ाया जा रहा है।चार साल पहले बनी डीपीआर में डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन शिफ्टिंग का बजट ही शामिल नहीं किया गया था। 400 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण अभी चल रहा है।





धनबाद की गोल बिल्डिंग से कतरास के काको मोड़ तक बन रही आठ लेन सड़क में डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम योजना में शामिल ही नही था।सड़क निर्माण के लिए जब खुदाई शुरू की गई तो राइजिंग पाइप लाइन के पास एक और पाइप लाइन मिली।काम कर रही एजेंसी ने पुरानी लाइन को हटाकर सड़क चौड़ी तो कर दी,मगर अब नए सिरे से पाइप बिछाने में 10 करोड़ रुपए का खर्चा आ रहा है। आठ लेन सड़क का निर्माण करा रही सरकार की एजेंसी साज (स्टेट हाइवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड) ने राज्य सरकार को पत्र लिख 10 करोड़ बजट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।





आठ लेन सड़क का निर्माण कर रही दोनों एजेंसियों को अब नए सिरे से डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछानी होगी। इसकी लंबाई लगभग 12 किलोमीटर होगी। मेमको मोड़ से गोल बिल्डिंग और बिनोद बिहारी चौक से भूली तक पाइप लाइन बिछाई जानी है।





विभागों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीएचईडी के पास हीरक रोड के किनारे बिछाई गई पाइप लाइन का नक्शा नहीं था। कुछ दिन पहले साज और पीएचईडी के अधिकारियों ने मिलकर डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन बिछाने के लिए जगह का निरीक्षण किया। दोनों विभागों ने नई पाइप लाइन पर सहमति जताई।





आठ लेन सड़क की गलत डीपीआर के कारण अब 15 जलमीनारों में पानी पहुंचाने की योजना में देरी हो सकती है। शहरी जलापूर्ति योजना फेज-वन के तहत इलाकों में पानी पहुंचाने की योजना थी। 365 करोड़ की योजना के तहत दामोदर नदी जामाडोबा से पानी पहुंचाना था। इसके लिए जलमीनार भी बन गई, पाइप लाइन भी बिछ चुकी थी। इस बीच 2018 से आठ लेन सड़क का काम शुरू हो गया और जलमीनारों के लिए बिछाई गई पाइप लाइन को उखाड़ दिया गया। अभी राइजिंग पाइप ही नहीं बिछाई गई है।





आठ लेन सड़क की डीपीआर में डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन का बजट शामिल नहीं था। सरकार को नए सिरे से 10 करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।