झारखंड से रोजी रोटी के लिए अफ्रीकी देश माली में काम करने गए 33 मजदूर फंस गए है।इनमें अधिकतर मजदूर हजारीबाग और गिरिडीह के रहने वाले हैं।ये मजदूर अफ्रीका में बड़ी परेशानी में हैं।इन मजदूरों को तीन महीने से काम करने का पैसा नही मिल रहा है और जो बिचौलिया मजदूरों को वहां ले गया था वो भी कोई मदद नही कर रहा है।इन मजदूरों की कोई दूसरा मदद देने वाला भी नही है।पीड़ित मजदूरों ने माली से सोशल मीडिया पर पोस्ट करके देश वापस आने की गुहार लगाई है। मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर केंद्र और झारखंड सरकार से उन्हें वापस बुलाने की मांग की है।

माली में फंसे हुए मजदूरों में विष्णुगढ़ के रूपलाल महतो, सुकर महतो, संदीप कुमार महतो, तिलक महतो, नंदलाल महतो समेत चुरचू तथा बरकट्ठा के भी लोग हैं।मजदूरों ने वीडियो संदेश में कहा है कि दलाल ने उनको झांसा देकर अफ्रीका भेजा था।भेजते समय उसने समय से वेतन और अन्य सुविधाएं दिलाने की बात कही थी,लेकिन तीन महीने का तो वेतन भी नहीं दिया गया है। इस वजह से उनके सामने खाने पीने की भी समस्या उत्पन्न हो गयी है। मजदूरों ने बताया है कि उन्हें ले जाने वाला ब्रोकर बगैर जानकारी दिए भारत लौट गया है। फोन पर बात करने पर उन्हें धमकी दी जा रही है। सभी मजदूर काफी डरे सहमे हैं और अभी एक कमरे में रह रहे हैं।

इधर जिला प्रसाशन ने कहा है कि मजदूरों के अफ्रीकी देश में जाकर काम करने की कोई जानकारी नही दी गयी है। डिप्टी कमिश्नर आदित्य कुमार आनंद ने बताया कि इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। डीसी ने आश्वासन दिया है कि इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। उसके बाद जो भी हर संभव मदद दी जाएगी।