रांची।झारखंड में भाषा विवाद का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि और बढ़ता ही जा रहा है।अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच ने रविवार को भाषाई अस्मिता को लेकर शांतिपूर्ण झारखंड बंद की घोषणा की है। बंद से जरूरी सेवा को मुक्त रखा गया है।

बंद की पूर्व संध्या पर शनिवार को मेन रोड के शहीद चौक में जिला स्कूल परिसर से शाम में मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल 28 विभिन्न संगठन एवं राजनैतिक दल के लोग अलबर्ट एक्का चौक पहुंचे। जहां पर सभा का आयोजन किया गया।

सभा में संगठन के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि झारखंड सरकार के कार्य प्रणाली से ऐसा लगता है कि राज्य में भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और हिंदी भाषा को जिलावार स्थानीय भाषा की सूची से हटाने का निर्णय प्रायोजित है।सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों द्वारा भाषा और आधारहीन 1932 खतियान के विषय को उठाया जा रहा है। कैलाश ने बताया कि 1932 के खतियान के मामले को न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इसके बाद भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले में चुप हैं। इससे यह साफ हो गया है कि भाषाई विवाद के जरिए राज्य को दिशाहीन करने का प्रयास चल रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि भाषाई अस्मिता को लेकर झारखंड बंद आंदोलन का एक हिस्सा है। अगर सरकार राज्य में कई पीढ़ी से निवास कर रहे बहुसंख्यक भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और हिंदी भाषियों का सम्मान नहीं करेगी तो राज्यव्यापी प्रतिकार सभा और तेज होगा।

सभा को जेडीयू नेता अखिलेश राय, उपेंद्र नारायण सिंह, सुबोधकांत, राजद नेता राजकिशोर सिंह,जयहिंद पार्टी के बबन चौबे, डीजल ऑटो चालक महासंघ के दिनेश सोनी, रामकुमार सिंह, नागेंद्र पांडेय,नौजवान छात्र मोर्चा के अभिषेक सिंह, सनोज मिश्रा, राणा रणवीर, अमर यादव, राकेश सिंह, घर बचाओ समिति के योगेंद्र र्मा और शंकर यादव ने भी सम्बोधित किया। मशाल जुलूस कार्यक्रम में सुबोध ठाकुर, सागर वर्मा, सुनील पांडेय, सुरेश राय, ऋषिकेश पाठक, अभय झा, कमलेश यादव, विष्णु चौबे, मुकेश वर्मा, उदय यादव, दीपक यादव, दीपक कुमार, सुनील शर्मा, रामानंद शर्मा, दिलीप वर्मा, चनरदीप मंडल, राजदेव सिंह समेत अन्य शामिल थे।

अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के आह्वान पर छह मार्च को आहूत झारखंड बंद को लेकर रांची पुलिस अलर्ट पर है। बंद समर्थकों से निपटने के लिए रांची पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बंद को लेकर जिले में चार हजार फोर्स तैनात की गई है। इसमें झारखंड पुलिस, सैफ, जैप के अलावा अन्य बल शामिल है। सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई है, ताकि विधि-व्यवस्था संबंधित कोई परेशानी सामने नहीं आए। भारी संख्या में दंडाधिकारियों को भी जिले में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। हर थाना क्षेत्रों और संवेदनशील जगहों पर क्यूआरटी भी तैनात होगी। उत्पात मचाने वालों के साथ सख्ती की जाएगी।