रांची।झारखंड में प्रचंड गर्मी के बीच शनिवार को आधुनिक पावर की एक इकाई से उत्पादन प्रभावित होने के कारण बिजली संकट गहरा गया है।मांग और आपूर्ति में 550 मेगावाट से अधिक का अंतर बढ़ने के कारण अधिकारियों ने जरूरी बैठक कर फीडरों की आपूर्ति का रोडमैप बनाकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। शहरों में पांच घंटे से अधिक और ग्रामीण इलाकों में आठ घंटे तक लोड शेडिंग की मार से उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ गई है।
राज्य में शनिवार को डीवीसी कमांड एरिया को शामिल करके बिजली की मांग 2500 से 2600 मेगावाट के बीच रही। टीवीएनएल की दोनों यूनिटों से 350 मेगावाट, आधुनिक से 180 की जगह 90 मेगावाट, इनलैंड से 50 मेगावाट बिजली मिली। नवीकरणीय ऊर्जा 250 मेगावाट तक मिला। राष्ट्रीय ग्रिड और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 1100 मेगावाट तक आपूर्ति हो सकी। अन्य स्त्रोतों को शामिल करते हुये राज्य को 2050 मेगावाट तक बिजली मिल पाई। लगभग 550 मेगावाट से अधिक लोड शेडिंग हुई।
राज्य में बिजली की मांग और आपूर्ति में असंतुलन बढ़ता देख झारखंड बिजली वितरण निगम और स्टेट लोड डिस्पैच्ड सेंटर के अधिकारियों के बीच शनिवार शाम कुसाई नगर स्थित बिजली दफ्तर में बैठक हुई। बैठक के दौरान एक-एक फीडर पर आपूर्ति का रोडमैप नये सिरे से बनाया गया ताकि उपलब्ध बिजली की सामान्य रूप से आपूर्ति गांव और शहरों की जा सके।





