रांची।झारखंड में मौसम के पारे के साथ सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के अंदर हलचल बढ़ी है।विधायक लोबिन हेंब्रम और सीता सोरेन ने हेमंत सोरेन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।कांग्रेस के विधायकों को लेकर भी सियासी गलियारे में खबरें तैयार हो रही हैं।मंत्री बन्ना गुप्ता की पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ हुई मुलाकात के मायने निकाले जा रहे हैं।प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय पिछले दिवसीय झारखंड दौरे पर आये थे।

अविनाश पांडेय ने मंत्रियों और विधायकों से अलग-अलग बातचीत की थी और पार्टी के पुराने नेताओं से भी चर्चा की थी।मंगलवार को झारखंड कांग्रेस के 25 नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है़।इस बैठक में सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री,वरिष्ठ विधायक, प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सहयोगी संगठन के पूर्व अध्यक्ष शामिल होंगे।बैठक में वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी।मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी चर्चा की जायेगी।मंत्रियों को संगठन के साथ समन्वय बनाकर चलने का टास्क दिया जायेगा। इसके साथ ही पार्टी अपने विधायकों और प्रदेश के नेताओं की नाराजगी भी दूर करने का प्रयास करेगी।

मिली जानकारी के अनुसार‌ संगठन और सरकार को लेकर पार्टी नेताओं की बयानबाजी पर भी चर्चा होगी। राज्य में चल रहे 1932 खतियान के आंदोलन को लेकर भी विचार-विमर्श किया जायेगा।दिल्ली में होनेवाली बैठक में सुबोधकांत सहाय,प्रदीप बलमुचु, सुखदेव भगत, केएन त्रिपाठी सहित कई नेता शामिल होंगे।
सरकार में शामिल मंत्री, अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष सहित पूर्व अध्यक्ष व आला नेताओं के साथ प्रभारी की बैठक होगी। 1932 खतियान के आंदोलन को लेकर भी विचार-विमर्श किया जायेगा।