रांची।झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1000 करोड़ से ज्यादा के अवैध खनन और उससे हुई मनी लाउंड्रिंग का पर्दाफाश किया है।ईडी ने जो नया इनफोर्समेंट कंप्लेन इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।इससे अब रांची समेत अन्य जिलों में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट कारोबारियों के द्वारा किए गए जमीन घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।





ईडी ने 4 नवंबर को दर्ज की थी ईसीआईआर





प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार नवंबर को बरियातू थाने में दर्ज एक केस के आधार पर आर्मी की जमीन की खरीद से जुड़े मामले में ईसीआईआर दर्ज की थी।बरियातू में आर्मी की जमीन को खरीदने के लिए फर्जी रैयत खड़ा किया गया था। रांची के सिरमटोली इलाके में भी विष्णु अग्रवाल के द्वारा आर्मी की जमीन की खरीद की गई थी। ईडी साल 2018 में की गई आर्मी की जमीन की खरीद से जुड़े मामले में भी साक्ष्य जुटा रही है।





रांची में हजारों एकड़ जमीन की खरीद में धांधली





कई तरह की जमीन की खरीद रांची में हजारों एकड़ जमीन की खरीद में कुछ सालों में गड़बड़ी हुई है।रांची में आर्मी की जमीनों के अलावा कीमती खासमहल और गैरमजरुआ जमीन की खरीद की गई है। खासमहल जमीन की खरीद के लिए भी फर्जीवाड़ा के साक्ष्यों की पड़ताल रजिस्ट्री ऑफिस से की जा रही है। ईडी ने इस मामले में सब रजिस्ट्रार वैभवमणि त्रिपाठी से कई जानकारी मांगी है।





सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर किया फर्जीवाड़ा





रांची में एनआईसी सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर जमीन के नेचर को बदलने और उसकी बिक्री को लेकर भी बड़ा घोटाला हुआ है। रांची के खेलगांव थाने में इससे संबंधित मामला भी दर्ज हुआ था और इसकी जांच सीआईडी कर रही है।सीआईडी जांच में एनआईसी सॉफ्टेवयर में छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़े की बात सामने आयी थी।ईडी ने भी एनआईसी के जरिए छेड़छाड़ के मामले में थानों में दर्ज रिपोर्ट और उससे जुड़ी कार्रवाई की जानकारी पुलिस मुख्यालय से मांगी थी। ईडी ने पूर्व में एनआईसी धुर्वा में कार्यरत यशवंत से जुड़े मामले में पुलिस मुख्यालय से जानकारी मांगी थी।यशवंत पर आरोप था कि अपने परिवार के नाम पर बेनामी संपत्ति बनाई है।पुलिस ने पूर्व में एनआईसी के एक कर्मी को फर्जीवाड़ा के आरोप में गिरफ्तार किया था।





प्रदीप यादव के पीए रहे शख्स के पास करोड़ों की जमीन

राज्य में आयकर की छापेमारी में शेल कंपनियों के जरिए ट्राजेक्शन, कई संदिग्ध कंपनियों के जरिए अनसिक्योर्ड लोन का खुलासा तो किया ही है, करोड़ों की अचल संपत्ति में निवेश यानी खरीद की जानकारी ईडी को हासिल हुई है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो एक विधायक प्रदीप यादव के पीए रहे देवेंद्र पंडित के नाम पर देवघर में करोड़ों की जमीन है। आयकर विभाग के सूत्रों और सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि विधायक व उनके करीबियों ने अचल संपत्तियों ने निवेश किया है।





गोड्डा सांसद ने ट्वीट कर साधा निशाना





सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर टैक्सेज की जारी विज्ञप्ति के बाद गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर आयकर के रडार पर आए दोनों कांग्रेस विधायकों को घेरा है। भाजपा सांसद लिखा है कि झारखंड कांग्रेस के विधायकों ने दो दिनों से चिल्ला-चिल्लाकर आयकर विभाग के छापे पर अपनी चोरी छिपाने की कोशिश की।सत्य सामने आया। आयकर विभाग ने 100 करोड़ से ऊपर की चोरी पकड़ने की जानकारी जनता को दी।सब लिखी किताब बंद होगी।