रांची।महाराष्ट्र में हाल ही में राजनीत का पारा नीचे लुढ़का है। अब झारखंड में बदलाव का पारा चढ़ता हुआ नजर आने लगा हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी ने एक-दूसरे के खिलाफ विधायकों की बगावत से जुड़ा बड़ा दावा कर राजनीति की तपिश को बढ़ा दिया है।अहम बात ये है कि राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद झारखंड में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं थी।





ताजा मामला झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रेस कांफ्रेंस से जुड़ा हुआ है।झामुमो की केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और विधायक दल के नेता से नाराज 16 विधायकों ने झामुमो से संपर्क किया है। ये विधायक अलग समूह बनाकर हेमंत सरकार को समर्थन देना चाहते हैं।





सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सवाल रखते हुए पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि डूबते जहाज की सवारी भला कौन करना चाहेगा। वहीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा कर दिया कि झामुमो के 21 विधायक ने बगावत कर दी है।





भाजपा के 16 विधायक समर्थन के इच्छुक





सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और स्वयंभू विधायक दल के नेता से नाराज होकर उनके 16 विधायकों ने झामुमो से संपर्क किया है। ये विधायक अलग समूह बनाकर हेमंत सरकार को समर्थन देना चाहते हैं। इस पर गंभीरता से विचार हो रहा है।उन्होंने कहा कि आधिकारिक रूप से समर्थन का प्रस्ताव आने पर निर्णय लिया जाएगा। झामुमो मामले में गंभीर है, क्योंकि इस तरह के कार्यों में भाजपा को महारत हासिल है। ताजा मामला महाराष्ट्र में देखने को मिला है।