रांची।झारखंड में बुधवार को कई दिनों के बाद बंगाल की खाड़ी से मानसूनी हवा ने एंट्री की।मानसूनी हवा की एंट्री के साथ बरसने वाले बादल दक्षिण पूर्वी दिशा से कोल्हान प्रमंडल से आगे बढ़े।जिससे कोल्हान प्रमंडल, झारखंड के मध्य, उत्तर पूर्वी और उत्तर पश्चिमी भाग में कई जगहों पर झमाझम बारिश हुई।इस दौरान तेज गति से हवा चलती रही।
झारखंड में मानसून दस जून से फिर से सक्रिय होगा।इसके प्रभाव से राज्य के सभी इलाके में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी और बारिश का प्रसार बड़े दायरे में होगा।इससे खरीफ की फसल की खेती में जुटे किसानों को लाभ मिलेगा। बताया गया कि आने वाले चार पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव का आसार नहीं है।मौसम पूर्वानुमान में गुरुवार को राज्य में कहीं-कहीं बदल गरज के वज्रपात के आसार है।
संतालपरगना के चार जिलों में बुधवार को दिन में मानसूनी हवा का खास असर नही दिखाई दिया।मानसूनी हवा के असर से दिन में रांची, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा, मेदिनीनगर, लातेहार, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिले में बदल गरज और वज्रपात के साथ बारिश हुई।
मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि अभी ओडिशा और छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय परिसंचरण कायम है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नम हवा का तेजी से बहाव झारखंड के दक्षिण भाग की ओर होने लगा। इससे वातावरण में नमी आई और आसमान में बरसने वाले बादल छाने के साथ ही आमजन ने उमस भरी गरमी से राहत महसूस की।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिन से कोई भी सिस्टम झारखंड में नहीं दिख रहा था, जिस कारण आद्रर्ता बढ़ी हुई थी और दिन में उमस की स्थिति कायम थी। पड़ोसी राज्य ओडिशा में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से बंगाल की खाड़ी में हलचल बढ़ी और मानसूनी हवा का बहाव शुरू हुआ।





