रांची।कृषि विभाग,पशुपालन विभाग और सहकारिता विभाग ने सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में भेजने का फैसला किया है।राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सभी अधिकारी विभिन्न प्रखंडों में जाकर वीडियो और फोटो आधारित रिपोर्ट तैयार करेंगे।ये रिपोर्ट सूखा मैनुअल-2016 को ध्यान में रखकर तैयार की जायेगी और रिपोर्ट को आधार बनाकर भारत सरकार से राहत पैकेज की मांग की जायेगी। सभी अधिकारियों को 10 अगस्त तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
सामान्य का आधा ही हुई है बारिश
विभाग ने कहा है कि राज्य में तीन अगस्त तक 538.7 मिमी बारिश होनी थी।इसमें 282 मिमी ही बारिश हुई है।चतरा, गोड्डा, गढ़वा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज की हालत बहुत ही खराब है।तीन अगस्त तक 28.27 लाख हेक्टेयर के विरुद्ध मात्र 7.70 लाख हेक्टेयर ही आच्छादन हुआ है।बीते साल लगभग 18.51 लाख हेक्टेयर में आच्छादन हो गया था। मुख्य सचिव ने इसकी समीक्षा की है।
जानें किस अधिकारी को कौन सा मिला जिला
राजेश सिंह विशेष सचिव को रांची,निशा उरांव कृषि निदेशक को खूंटी, मृत्युंजय वर्णवाल निबंधक को रामगढ़, मनोज कुमार एमडी मार्केटिंग बोर्ड को कोडरमा, अंजनी कुमार अपर सचिव को हजारीबाग, प्रदीप कुमार हजारी विशेष सचिव गोड्डा, गोपाल जी तिवारी संयुक्त सचिव पूर्वी सिंहभूम, विधानचंद्र चौधरी लोहरदगा, राजकुमार गुप्ता संयुक्त सचिव लातेहार, नयनतारा केरकेट्टा गुमला, नवीन कुमार पश्चिमी सिंहभूम, शशि प्रकाश झा निदेशक पशुपालन गढ़वा, एचएन द्विवेदी मत्स्य निदेशक देवघर, डॉ सुभाष सिंह निदेशक समेति दुमका, संतोष कुमार उप निदेशक बोकारो, मुकेश कुमार सिन्हा उप निदेशक धनबाद, एफएन त्रिपाठी संयुक्त ईखायुक्त सरायकेला-खरसांवा, अजेश्वर सिंह संयुक्त निदेशक पलामू, असीम रंजन एक्का उप निदेशक सिमडेगा, डॉ मनोज तिवारी उप निदेशक चतरा, जय प्रकाश वर्मा उप निबंधक जामताड़ा, कुमोद कुमार सहायक निबंधक साहिबगंज, राकेश कुमार सिंह सहायक निबंधक पाकुड़, मनोज कुमार संयुक्त निदेशक मत्स्य गिरिडीह।
आपको बता दें कि राज्य में 2018 में सूखा राहत योजना चलायी गयी थी।इसमें कुल 492 करोड़ की योजना चली थी। दो हेक्टेयर तक होल्डिंग वाले किसानों के लिए 420.57 करोड़ रुपए की इनपुट सब्सिडी दी गयी थी।लघु और सीमांत किसानों को छोड़कर अन्य के लिए 71.43 करोड़ रुपए की योजना शुरू की गयी थी।
आठ से 10 अगस्त तक भारी बारिश
राज्य में आठ से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। इसे लेकर मौसम केंद्र ने येलो अलर्ट भी जारी किया है।ऐसा बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लोनिक सरकुलेशन के कारण हो रहा है।इसका असर झारखंड और आसपास के राज्यों में भी पड़ेगा।मौसम केंद्र ने इससे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।इसका असर 36 घंटे तक रह सकता है और इसके बाद सरकुलेशन कमजोर होगा।
मौसम केंद्र के मुताबिक आठ अगस्त को राज्य के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, धनबाद, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 9 और 10 अगस्त को राज्य के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, रांची तथा लोहरदगा में भारी बारिश हो सकती है।इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
क्या-क्या असर पड़ सकता है
मौसम केंद्र के अनुसार जहां तेज हवा के साथ भारी बारिश होगी।निचले एरिया में जल जमाव की समस्या हो सकती है। कहीं-कहीं विजिबिलिटी की समस्या हो सकती है।उद्यान और खड़ी फसलों को क्षति हो सकती है।





