रांची।झारखंड में चल रहे सियासी संकट और हेमंत सोरेन की विधायकी पर निर्णय के बीच शनिवार को पूरे दिन महागठबंधन विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ दिखे। सीएम आवास पर एकत्र हुए सत्ताधारी दल के विधायकों ने एक स्वर में कहा कि विधायक पद से अयोग्यता के संबंध में राज्यपाल का फैसला जो भी आए उनके सर्वमान्य नेता हेमंत सोरेन ही बने रहेंगे।निजी कारणों से जो विधायक नहीं आए थे वो भी अपने-अपने नेताओं से संपर्क में रहे।





शनिवार को सीएमओ में हुई बैठक के बाद सभी विधायकों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खूंटी के लतरातू स्थित सरकारी गेस्ट हाऊस पहुंचे और दिन का लंच लिया व डैम में बोटिंग भी की।इसके बाद तीन बसों में सवार विधायक देर शाम राजधानी रांची लौट आए। रांची लौटने के बाद फिर से सीएम सोरेन और झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय के साथ बैठक हुई। सत्तापक्ष एक साथ अपनी मौजूदगी से संख्या बल का संदेश लगातार देता नजर आया।





लतरातू से लौटने के दौरान सीएम सोरेन के छोटे भाई और दुमका विधायक बसंत सोरेन ने साफ में कहा कि जनादेश को किसी भी कीमत पर ताक पर नहीं रखने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार मजबूती से अपना कार्यकाल पूरा करेगी।





आपको बता दें कि बसंत के भाजपा के संपर्क में होने की अफवाहें उड़ रही थीं।मंत्रिमंडल के कद्दावर मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि विरोधियों का षड्यंत्र किसी भी हाल में सफल नहीं होगा। हेमंत ही गठबंधन के नेता हैं और रहेंगे।





झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकसाथ हैं और हमारे पास बहुमत है। सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हर हाल में अपना कार्यकाल पूरा करेगी।





कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार संख्या बल की होती है। महागठबंधन के पास मजबूत संख्या बल है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग या राज्यपाल के किसी फैसले की जानकारी नहीं मिली है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सभी विधायक मजबूती से खड़े हैं।





झारखंड कांग्रेस प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि अबतक राज्यपाल से कोई पत्राचार नहीं आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे को प्रधानमंत्री नियंत्रित करें और राज्यपाल स्थिति को स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत के नेतृत्व में सत्ताधारी दल के हर विधायक मजबूती से एकजुट हैं।





दुमका विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि उन्हें भाजपा नेताओं ने दिल्ली में बुलाया था,क्योंकि वह जानना चाहते थे कि उनकी पार्टी के कौन-कौन विधायक संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा के दस विधायक झामुमो में शामिल होने के लिए उनके संपर्क में हैं। इनका नाम वह अभी सार्वजनिक नहीं करेंगे। वक्त आने पर पर्दा हटाया जाएगा।





इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि आज रविवार को महागठबंधन के विधायक नेतरहाट जाएंगे। कहा जा रहा है कि इसके लिए यहां दो होटलों को खाली करा लिया गया है। इस बीच कांग्रेस विधायक दल की देर शाम हुई बैठक में कहा गया कि दिल्ली से आलाकमान का आदेश मिलने के बाद ही विधायक नेतरहाट जाएंगे।