रांची। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज में हुए नाव हादसे की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूरा हादसा रात लगभग 11 बजे का है,जबकि नियमानुसार रात में नाव नहीं चलायी जा सकती।साहिबगंज के समता घाट से कटिहार के मनिहारी घाट से सूर्योंदय के बाद व सूर्यास्त के पहले ही नाव परिचालन का नियम है, लेकिन अवैध तरीके से 23-24 मार्च की रात साहिबगंज के करमा घाट से परिचालन रात में किया गया था।

घटना के बाद डीसी ने बताया कि घटना दिन के 11 बजे की है,जबकि ऐसा नहीं है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि घटना के बाद जब डीसी ही झूठ बोल रहे हैं, तब उनके मातहत अधिकारी भला कैसे सही जांच कर सकते हैं। उन्होंने मांग की कि बिहार व झारखंड के बीच का मामला जुड़ा है, ऐसे में इस मामले की सीबीआई से जांच करायी जानी चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वह बीते दिनों साहिबगंज के दौरे पर थे, उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी थे। तब कुछ लोग सर्किट हाउस में मिलने आए थे। लोगों ने बताया कि गंगा नदी में नाव के ठेके को लेकर लगातार तीन दिनों से फायरिंग हो रही है,लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। उन्होंने बताया कि इस मामले में जब एसपी को फोन किया तो पहले उन्होंने किसी भी तरह की फायरिंग की घटना से इंकार किया। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सएप पर फोटो भेजी, तब एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बाबूलाल मरांडी ने बताया कि डहू यादव और अन्य लोग वहां सरकार के गुर्गों की तरह काम कर रहे हैं। कोलकाता से ठेके के लिए कुछ लोगों ने नाव मंगाए थे, मनिहारी घाट से ठेका में वह शामिल न हो सकें, इसलिए उनके नांव को रोक दिया गया था। बाद में बिहार सरकार ने कंपनी को ठेका में बगैर नाव ही शामिल होने की अनुमति दी, लेकिन सरकार के गुर्गों ने आठ करोड़ में ठेका हासिल कर लिया।

प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने सवाल पूछा कि वह भी साहिबगंज गए थे, तब किसी अंकुश यादव के साथ नाव में सैर करने निकले थे। क्या सारा विवाद ठेके का है। तब बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अंकुश यादव के खिलाफ भी अगर कोई मामला दर्ज है तो सरकार कार्रवाई करे, सरकार को जांच और कार्रवाई से किसने रोका है।