संवाददाता,बड़कागांव। बरसात के दिनों में जंगली मशरूम प्रजाति के ही टेकनस और फुटका के नाम से जंगलों में खूब मिलते हैं,जिसे झारखंड में रुगड़ा के भी नाम से जाना जाता है। इसकी उत्पत्ति बरसात के शुभारंभ वज्रपात और मूसलाधार बारिश के पश्चात लगभग एक सप्ताह के बाद होना प्रारंभ हो जाता है। यह कई औषधीय गुणों से भी भरा होता है। कठिन परिश्रम के बाद फुटका जमीन से खोदकर निकाली जाती है और टेकनस को जमीन से हाथों के बल से खींचकर निकाली जाती है। लोग इसे सब्जी के रूप में भी बनाते हैं,जो मटन चिकन से भी खाने में बेहतर लगता है।शुरुआती दौर में इस टेकनस और फुटका के कीमत में काफी तेजी देखी जा रही है। बड़कागांव दैनिक बाजार में मंगलवार को मटन से भी मंहगा ₹1000 किलो टेकनस और फुटका ₹800 किलो के भाव में बेची गई। फिर भी इसे खरीदने के लिए खरीदारों में होड़ सी लगी हुई थी।





