डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मिली करारी हार से लगा तगड़ा झटका,घटेगा कद या होगी मंत्रिमंडल से छुट्टी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मिली करारी हार से लगा तगड़ा झटका,घटेगा कद या होगी मंत्रिमंडल से छुट्टी <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश

लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ विजय पताका फहराई है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर सत्ता पर आसीन होने जा रही है।कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से भाजपा के कद्दावर नेता व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनावी मैदान थे।पहली बार चुनावी मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डॉ पल्लवी पटेल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुनावी मैदान में हरा दिया है।केशव को इस हार का अंदाजा नहीं था।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को अचानक मिली इस हार से भाजपा में कद घटेगा ये तो निश्चित है।सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या चुनाव हारने के बादी अब केशव को दूसरी बार योगी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या नहीं।केशव पर भी काफी दबाव रहेगा क्योंकि योगी की पहली सरकार में कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ही भिड़ते नजर आए,कई बार दोनों लोगों के बीच मनमुटाव की खबरें भी सामने आयी।ऐसे हालात में क्या सीएम योगी खुद ही चाहेंगे कि केशव मंत्रिमंडल से बाहर रहें, हालांकि इस मामले में कोई भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।
कैबिनेट की बजाए संगठन में मिल सकती है जगह
भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानी जाए तो केशव प्रसाद मौर्य के सामने कई तरह की मुश्किलें आएंगी। केशव चुनाव हारने के बाद अब उस तरह का दबाव नहीं बना पाएंगे जिसके लिए वो जाने जाते हैं।केशव अगर योगी कैबिनेट में फिट नहीं बैठे तो संगठन में खास जिम्मेदारी मिल सकती है और ये जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश या दिल्ली में कहीं भी मिल सकती है।प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी नहीं चाहेंगे कि केशव को मेन स्ट्रीम से बाहर रखा जाए,क्योंकि दो साल बाद लोकसभा का चुनाव हैं।ऐसे में केशव को राज्यसभा भी भेजा जा सकता है।बैरहाल केशव के राजनीतिक कद का फैसला अगले कुछ दिनों में हो जाएगा।
हार के बाद रहेगा पद छोड़ने का दबाव
सिराथू विधानसभा सीट पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को विजय रथ के बजाय हार के रथ पर सवार होना पड़ा है। यहां से सपा प्रत्याशी डाॅ. पल्लवी पटेल ने 6832 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है।पल्लवी को कुल 105559 वोट मिले जबकि केशव प्रसाद को 98727 वोट मिले।केशव ने मिली करारी हार को स्वीकार करते हुए ट्वीट किया है कि सिराथू विधानसभा क्षेत्र की जनता के निर्णय को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करें, प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत के लिए आभारी, वोट के रूप में आशीर्वाद देने वाले मतदाताओं के आभारी हैं।
MLC बनाकर सरकार में दी सकती है जगह
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए ये हार काफी हानिकारक साबित हो सकती है।अब ऐसे में सवाल ये है कि अगर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुनामी में केशव नहीं जीत सके तो क्या योगी सरकार उन्हें कैबिनेट में शामिल करेगी।बैरहाल योगी सरकार के पास अभी भी केशव प्रसाद को एमएलसी बनाने और कैबिनेट में शामिल करने का विकल्प है।केशव मंत्री बनते हैं या नहीं, यह तो समय ही बताएगा,लेकिन एक बात तो तय है कि आने वाले समय में उनके विरोधी भी तेजी से सक्रिय होगें।
पल्लवी ने पहले दांव में किया केशव को चित
सिराथू विधानसभा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को 43.23 फीसदी वोट मिले थे।पल्लवी पटेल को 46.6 फीसदी वोट मिले, बसपा के मुनसब अली को 4.37 फीसदी वोट मिले। सिराथू के राजनीतिक समीकरण की बात करें तो कुर्मी वोट सपा के पक्ष में जाता दिख रहा था, जिससे पल्लवी को एकतरफा फायदा हुआ,ऐसे में केशव प्रसाद को अपनी सीट गंवानी पड़ी।
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