रांची। रांची पुलिस ने बुधवार को टीपीसी के जोनल कमांड और दस लाख के इनामी भीखन गंझू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे सदर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ कर रही है। रांची पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
भीखन मूलरूप से चतरा के पिपरवार थाना क्षेत्र के बिजन गांव का रहने वाला है। वह टीपीसी का जोनल कमांडर है। बताया जा रहा है कि भीखन को गले में कुछ परेशानी थी। इसी के इलाज के लिए वह रांची में अपने एक संबंधी के यहां ठहरा था।

दस लाख का इनामी गिरफ्तार नक्सली भीखन गंझू टेरर फंडिंग मामले में भी वांटेड है।एनआईए की जांच में पाया गया कि टंडवा की मगध व आम्रपाली परियोजना के अलावा भीखन गंझू ने पिपरवार के अशोक व अन्य प्रोजेक्ट में भी टेरर फंडिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार किया था।एनआईए की जांच शुरू होने के बाद इस मामले में भीखन के पर्याप्त सबूत मिले थे। एनआईए के रडार पर आने के बाद से ही भीखन फरार हो गया था।

सीसीएल के कर्मचारी और विस्थापित नेता के तौर पर पहचान रखने वाला भीखन गंझू तृतीय प्रस्तुति कमिटी (टीपीसी) में जोनल कमांडर के पद पर है।भीखन ने चतरा की मगध,आम्रपाली कोल परियोजना में साल 2013 में सरगना ब्रजेश गंझू, मुकेश गंझू, आक्रमण, कोहराम समेत अन्य टीपीसी उगवादियों के साथ मिलकर कमिटी तैयार की थी।

इस कमिटी के अलावा सीसीएल के विस्थापितों की आठ कमेटियां अलग थीं। इन कमिटियों के द्वारा विस्थापितों के नाम पर प्रत्येक ट्रक वसूली की जाती थी। साल 2018 में इस मामले में चतरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। बाद में पूरे केस की जांच एनआईए ने की थी।

धमकी: भीखन को कोर्ट में करें पेश, नहीं तो झारखंड बंद

टीपीसी ने रांची पुलिस से 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार जोनल कमांडर भीखन गंझू को न्यायालय में पेश करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित समय में उसे कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही झारखंड बंद भी बुलाया जाएगा। सब जोनल प्रवक्ता सचिन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रांची पुलिस ने भीखन को 15 मार्च की रात पूरे परिवार के साथ गिरफ्तार किया है। उस पर पुलिस लगातार दबाव बना रही है कि वह टीपीसी के गोला बारूद और हथियारों की जानकारी दें। इसके लिए पुलिस उस पर थर्ड डिग्री का भी इस्तेमाल कर रही है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि भीखन गंझू विस्थापित-प्रभावित पिपरवार प्रोजेक्ट एरिया का आम जनता का नेता है, इसलिए प्रशासन उनकी मांगें मान लें।

पूर्वोत्तर राज्यों से हथियार का करता था जुगाड़

भीखन गंझू के खिलाफ हथियार तस्करी का भी बड़ा कांड एनआईए में दर्ज है। नागालैंड के अलगाववादी नेता ए सांगथन के साथ बिहार के अपराधियों की सांठगांठ से हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा भीखन था। उसने टीपीसी के उग्रवादियों को म्यांमार आर्मी की हथियार खरीदवायी थी। इस मामले में एनआईए ने भीखन पर चार्जशीट भी दायर किया था। अपराध की कमाई से भीखन ने करोड़ों की संपत्ति जमा की है।

कोयला कारोबारी प्रेम सागर मुंडा की हत्या का मास्टरमाइंड

रांची में साल 2020 में प्रेम सागर मुंडा की हत्या कर दी गई थी। कोयला कारोबारी प्रेम सागर की हत्या के पीछे भी भीखन गंझू को ही मास्टरमाइंड माना जाता है। बीते साल प्रेम सागर के छोटे भाई बबलू सागर मुंडा पर भी कांके के अरसंडे में हमला हुआ था, इस मामले में भी पुलिस को भीखन की तलाश थी। जानकारी के मुताबिक, भीखन गंझू की पूर्व में पुलिस के आला अधिकारियों से करीबी रही थी।