प्रतिनिधि,लावालौंग(चतरा)। प्रखंड मुख्यालय एवं इसके इर्द-गिर्द के गावों में लावालौंग पुलिस कर्मियों के पुलिसिया दादागिरी के चर्चे जोरों पर है।यहां पुलिस कर्मियों की दादागिरी का हद इस कदर पार कर गया है कि एक बेगुनाह बुजुर्ग को डरा धमकाकर एवं मानसिक प्रताड़ना करके उससे 40 हजार रुपये की वसूली कर ली गई।उक्त विषय की जानकारी देते हुए सीलदाग पंचायत स्थित चुकू गांव निवासी कमलेश गंझू ने बताया कि मेरी भाभी पचिया देवी के साथ कुछ दिनों से हमारे परिवार का आंतरिक मनमुटाव चल रहा था।एक सप्ताह पूर्व पचिया और मेरी मां के साथ हल्की झड़प भी हुई थी।इसके बाद पचिया थाना पहुंचकर मेरे मां के संबंध में कोई आरोप ना लगाते हुए मेरे पिता समेत सात लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था,जिसके बाद थाना प्रभारी के द्वारा सभी लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई।इसके बाद उनके कहने पर सहायक पुलिस सूरज कुमार नें हम लोगों को डराना धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि 50 हजार रुपये तुरंत व्यवस्था करो अन्यथा सब को उठाकर अंदर कर देंगे।इसके बाद डर से हम लोगों ने गांव से कर्ज लेकर काफी अनुनय विनय करते हुए 10 हजार रुपये कम करवा कर 40 हजार रुपये सूरज कुमार को दिया।इसके बाद हमें थाने से बाहर आने दिया गया।इसके बाद गांव के पंचायत में उक्त दोनों युवकों के उपस्थित ना होने एवं पंचायत में भी पचिया के द्वारा मानसिक प्रताड़ना करने से आहत पचन आत्महत्या की कोशिश की।बेहद मशक्कत से परिजनों ने उसकी जान बचाई।
क्षेत्र में चर्चा है कि अगर ऐसे ही पुलिसिया दादागिरी कायम रहा तो बेगुनाह और गरीब इनके लूट की चक्की में पिसते रहेंगे। उक्त विषय को लेकर पचन एवं उसके परिजनों नें चतरा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। इधर थाना प्रभारी से पूछे जाने पर उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ते हुए पैसे लेने की बात से इनकार करते हुए कहा कि उसके पास क्या सबूत है कि हमने उससे पैसे लिए हैं।





