झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस का शर्मनाक कारनामा सामने आया है।जहां एक मजबूर पिता को पुलिस के आगे काफी जिल्लत झेलनी पड़ी।पहले उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात हुई और जब इसकी शिकायत दर्ज कराने थाना पहुंचा तो पुलिस ने सारी हदे पार कर दी।पुलिस ने तीस घंटे तक उसकी पीड़ा को समझने की कोशिश नहीं की।राज्यपाल रमेश बैस ने जब मामले का संज्ञान लिया तब उसका केस 30 घटों के बाद दर्ज किया गया।
मामला राज्य के पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव थाना क्षेत्र के एक गांव का है।जहां एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीड़िता का पिता 30 घंटे थाने पर बैठा रहा।राज्यपाल रमेश बैस ने राजभवन के अधिकारी को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से तथ्य की जानकारी हासिल कर रिपोर्ट दर्ज कर सूचित करने का निर्देश दिया।राज्यपाल के निर्देश के बाद बंदगांव थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर राजभवन को सूचित कर दिया गया।
राज्यपाल ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र में एक गांव की नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए इस प्रकार का अपराध निंदनीय है।
राज्यपाल ने नाबालिग के पिता द्वारा इस संबंध में लगभग 30 घंटे तक थाने में आवेदन लेकर बैठने पर भी थाने में रिपोर्ट दर्ज न करने संबंधी सूचना पर संज्ञान लिया। उन्होंने इस घटना पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि सभी को अपना कार्य पूरी निष्ठा से करना चाहिए।थाने में रिपोर्ट दर्ज करने में कोताही नहीं बरतनी चाहिए।





