रांची।झारखंड हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को देवघर हवाई अड्डे से विमानों की रात्रि में उड़ान भरने में बाधक बन रहे नौ मकानमालिकों को भूमि अधिग्रहण के संबंध में नोटिस देने और हवाई अड्डे पर अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का मंगलवार को निर्देश दिए।मुख्य न्यायाधीश डा. रवि रंजन एवं न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की खंडपीठ में देवघर हवाई अड्डे के संचालन को लेकर दाखिल भारतीय जनता पार्टी के नेता व गोंडा सांसद डाॅक्टर निशिकांत दुबे की याचिका पर सुनवाई हुई।सुनवाई के बाद कोर्ट ने हवाई अड्डे के पास तोड़े जाने वाले नौ भवनों के स्वामियों को प्रतिवादी बनाया और देवघर उपायुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन सभी मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं। मामले में अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष 13 जुलाई को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के देवघर एयरपोर्ट के पास बनाए गए 9 आलीशान भवन तोड़ने के लिए चिह्रित किए गए हैं। हालांकि अभी तक यह तोड़े नहीं गए हैं। झारखंड हाईकोर्ट में इसी मामले को लेकर सुनवाई हुई थी। चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। देवघर एयरपोर्ट के संचालन को लेकर अदालत में एक याचिका दाखिल की गई है।
झारखंड हाई कोर्ट ने उन तमाम मकान मालिकों को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया है, जिनके मकान या भवन देवघर एयरपोर्ट के पास तोड़ने की योजना है।कोर्ट ने देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री को आदेश दिया है कि भवन मालिकों को इस संबंध में नोटिस भेजा जाए। यही नहीं नोटिस भेजने के बाद कोर्ट को सूचित भी किया जाए। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को करेगी।





