वाराणसी। आध्यात्मिक नगरी काशी में देव दीपावली से पहले गंगा उफान पर हैं।पिछले 12 घंटे में 50 सेंटीमीटर से अधिक पानी बढ़ गया है। 67 मीटर के करीब गंगा का जलस्तर है। गंगा सावन के बाद भादो महीने में उफान पर होती हैं और पितृपक्ष तक पानी घटने लगता है।कार्तिक महीने में गंगा का पानी लगभग अपने मूल स्वरूप में होता है,लेकिन इस बार कार्तिक महीने में गंगा के उफान से काशी के अचंभित हैं।गंगा के उफान पर होने ने के कारण तीसरी बार नौका के संचालन को बंद दिया गया है। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सांसें भी अटकी हुई हैं।
गंगा के घाटों का आपसी संपर्क खत्म होने से घाट के किनारे रहने वाले लोगों की दैनिक जीवनचर्या पर भी प्रभाव पड़ा है। अंतिम संस्कार करने वालों को मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी बार काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार के रैंप तक गंगा का पानी पहुंच गया है।गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी ने देव दीपावली पर आध्यात्मिक नगरी काशी आने वाले पर्यटकों की राह को रोक दिया है।गंगा में नौका परिचालन पर रोक और प्रतीकात्मक आरती के चलते पर्यटक बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं।सात नवंबर को बुद्ध पूर्णिमा के दिन देव दीपावली का आयोजन होना है।गंगा का जलस्तर तीसरी बार बढ़ रहा है। इसका घाटों पर असर यह कि मलबा घाटों पर जम गया है। मात्र 24 दिनों में घाटों की सफाई नगर निगम के लिए चुनौती भरी होगी। घाटों पर पर जमा हुआ सिल्ट भी सुरक्षा की दृष्टि से चुनौती बनेगा।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक आज गुरुवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 66.85 मीटर दर्ज किया गया।सुबह गंगा का जलस्तर छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। आठ बजे गंगा का जलस्तर 66.46 मीटर दर्ज किया और 10 बजे 66.58 मीटर तक पहुंच गया।दोपहर तक जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार यही रही और शाम चार बजे से जलस्तर बढ़ने की रफ्तार आधी हो गई और जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार हो गई।जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका घाट स्थित चक्रपुष्करिणी कुंड का परिक्रमा पथ पानी में डूब गया है। मणिकर्ण्का घाट पूरी तरह से डूबने के कारण शवदाह के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और अब छत पर शवदाह हो रहा है।
जलस्तर बढ़ने से श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में गंगा घाट की तरफ से पैदल प्रवेश वाले रैंप का रास्ता पानी में डूब गया है। पुलिस ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नौका संचालन को रोक लगा दी है।सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध के मुताबिक मांझी समाज की सहमति से गंगा में नौका संचालन पर रोक लगाई गई है।जलस्तर बढ़ने से एहतियातन यह कदम उठाया गया है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन के इस निर्णय से नाविक समाज ने निराशा जताई है।
केदारघाट निवासी मुकेश साहनी ने बताया कि गंगा के जलस्तर का हवाला देकर बार-बार नाव को चलाने से रोक दिया जा रहा है, लेकिन क्रूज का संचालन लगातार जारी है। नाव संचालन से उनके परिवार का पेट पलता है।





