रांची।झारखंड के धनबाद के अतिरिक्त जज उत्तम आनंद हत्याकांड में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को दोषी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।दोनों को 28 जुलाई को दोषी ठहराया गया था। उत्तम आनंद की 28 जुलाई 2021 को उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वो मॉर्निंग वॉक के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे।
धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की हत्या में दोषी ठहराए गए ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी को आखिरी सांस तक जेल में ही रहना होगा।दोनों के सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए शनिवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज रजनीकांत पाठक ने यह फैसला सुनाया। दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है।कोर्ट ने 28 जुलाई को लखन और राहुल दोनों को हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा पर सुनवाई के लिए 6 अगस्त की तारीख तय की थी।
आपको बता दें कि 28 जुलाई 2021 को जज उत्तम आनंद मॉर्निंग सुबह पांच बजे मार्निंग वॉक पर निकले थे।वे सड़क किनारे वॉक कर रहे थे।तभी रणधीर वर्मा चौक के पास एक ऑटो से उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी गई थी।इस घटना में एडीजे की मौके पर ही मौत हो गयी थी।इस मामले में मृतक जज की पत्नी कृति सिन्हा ने धनबाद थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी और बाद में झारखंड हाईकोर्ट की अनुशंसा पर यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था।28 जुलाई 2022 को अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह साबित होता है कि दोनों ने जान-बूझकर जज उत्तम आनंद की हत्या की है। हर हत्याकांड में कोई मोटिव या इंटेंशन हो, यह जरूरी नहीं। यदि अभियुक्त यह जानता है कि उसके कार्य से किसी की मौत हो सकती है तो फिर इंटेंशन की जरूरत नहीं है।
कोर्ट ने लगभग छह माह के रिकॉर्ड टाइम पर सुनवाई पूरी करते हुए दोनों दोषियों को सजा सुनाई। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) को आदेश देते हुए कहा कि जज के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाएं। शनिवार को वकीलों से खचाखच भरे कोर्ट में जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लखन और राहुल की सजा पर फैसला सुनाया।
एक वकील कुमार विमलेन्दु ने बताया कि दोनों आरोपियों को 28 जुलाई को दोषी ठहराया गया था, आज सजा सुनाई गई है। जज ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' केस तो नहीं करार दिया और इसके बजाय उन्हें अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा दी है।





