लखनऊ।उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनावी रण अब धार्मिक नगरी पहुंच गया है।रामनगरी अयोध्या,संगम नगरी प्रयागराज, आध्यात्मिक नगरी वाराणसी,चित्रकूट और मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के मुख्य धार्मिक केंद्र हैं। भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में ये धार्मिक केंद्र हमेशा रहा हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी,बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस सभी के एजेंडे में ये धार्मिक केंद्र रहा है।इस धार्मिक नगरी में कुल 31 विधानसभा सीटें हैं।इन विधानसभा सीटों पर अब सभी पार्टियों के आस्था की अग्नि परीक्षा होगी।दस मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद पता चलेगा किसको कितना फायदा मिला।

2017 का विधानसभा चुनाव में देखा जाए तो सबसे अधिक 28 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया था। बहुजन समाज पार्टी ने दो विधानसभा सीटों पर जीत का परचम लहराया था। समाजवादी पार्टी ने एक विधानसभा सीट पर जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 17 विधानसभा सीटों पर जीत का परचम लहराया था।इस बार विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक नगरी से ही ज्यादातर अभियान की शुरुआत की गयी।बहुजन समाज पार्टी ने ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए रामनगरी अयोध्या से ही इसकी शुरुआत की। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी मथुरा गए।अब दस मार्च को पता चलेगा कि पार्टियों ने कितनी सफलता पायी है।

अयोध्या जिले में पांच विधानसभा की सीटे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने पांचों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ रुदौली विधानसभा सीट पर ही जीत का परचम लहरा पायी थी,बाकी चार विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।

चित्रकूट जिले की दो विधानसभा सीट चित्रकूट और मानिकपुर में 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने दोनों सीटों पर जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में चित्रकूट विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था और मानिकपुर विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी जीत का परचम लहराया था।

प्रयागराज में 12 विधानसभा सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में तीन विधानसभा सीटें छोड़कर नौ विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी व उसके सहयोगी दल ने जीत का परचम लहराया था।सोरांव में अपना दल ने जीत का परचम लहराया था,प्रतापपुर व हंडिया में बहुजन समाज पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।करछना में समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने नौ विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।करछना और प्रयागराज पश्चिम विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी ने जीत का परचम लहराया था। प्रयागराज पूर्व विधानसभा में कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया था।

वाराणसी जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उसके गठबंधन ने सातों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम लहराया था।अजगरा विधानसभा में उस समय की सहयोगी दल सुभासपा और सेवापुरी विधानसभा में अपना दल ने जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में अजगरा और शिवपुर विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।रोहनिया विधानसभा सीट पर अपना दल ने जीत का परचम लहराया था।बाकी तीन विधानसभा सीटें वाराणसी उत्तर, वाराणसी दक्षिण और वाराणसी कैंट विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।

मिर्जापुर जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल ने जीत का परचम लहराया था।छानवे विधानसभा सीट पर अपना दल ने जीत का परचम लहराया था। मिर्जापुर, मझावा, चुनार व मरिहान विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में छानवे, मिर्जापुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत का परचम लहराया था।मझावा विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी व मरिहान विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया था।