प्रतिनिधि,बलियापुर।आमटाल बस्ती के रहने वाले कार्तिक गोराई की जमीन आज से लगभग 30 साल पहले बीसीसीएल ने अधिग्रहण किया था। जमीन के बदले मुआवजा और नौकरी मिलना था पर तीन दशक बीत जाने के बाद भी लाभुक को ना ही नौकरी और ना ही मुआवजा मिला। पीड़ित अपनी फरियाद हर जगह सुनाई हर जगह उन्हें झूठा आश्वासन ही मिला। जब सभी जगहों से निराश हो गए तो बेरा कोलियरी गेट के समीप पिछले 26 दिनों से कार्तिक गोराई अपने परिवार के साथ धरने पर बैठ गए।बीसीसीएल के बड़े अधिकारियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उनसे मिलकर समस्या को सुलझाने की बात कही, लेकिन कार्तिक गोराई उनकी बातों पर विश्वास नहीं किया।





कार्तिक गोराई का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा वह धरने पर बैठे रहेंगे। उन्होंने बताया कि जेबीकेएसएस नेता जयराम महतो उनसे मिलने के लिए और उनका समर्थन देने के लिए मंगलवार को बेड़ा कोलियरी आने की बात कही है। कार्तिक गोराई का ये भी कहना है कि जयराम महतो रैयत विस्थापित के बेटे हैं।इसलिए वह हमसे मिलने के लिए आ रहे हैं।उनके आने से हमें न्याय की उम्मीद है।





परियोजना पदाधिकारी का कहना है कि एक 12 सदस्य कमेटी का गठन कर दिया गया है।उसकी रिपोर्ट आने की बात उनकी मांगों को आगे रखा जाएगा, जबकि कार्तिक गोराई कहना है कि कुछ नेताओं के दबाव के कारण उनकी फाइल को 30 वर्षो से आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी, क्योंकि उनके जमीन के बदले किसी और को नौकरी दे दिया गया था, इसलिए उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी जांच सीबीआई से करने की मांग की है,जिससे कि उनको न्याय मिल सके।