लखनऊ।उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव
से पहले पाला बदल एक्सप्रेस बड़ी तेजी से दौड़ रही है।इसी क्रम में चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। योगी मंत्रिमंडल के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है।बताया जा रहा है कि ये काफी समय से नखुश चल रहे थे और अब चुनाव से ठीक पहले पाला बदल एक्सप्रेस पर सवार हो गये। मौर्य ने एक लेटर जारी कर इस्तीफा देने के कारणों का जिक्र किया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलितों के बीच मजबूती के साथ पकड़ रखने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य कभी बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सबसे करीबी थे।स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर अपने ठिकाने को बदल लिया है और ट्विटर पर लिखा है कि दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे-लघु व मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर अपेक्षा की वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य योगी सरकार में श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री थे।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने लेटर में इस्तीफे का कारण बताते हुए कहा कि वह विपरीत परिस्थिति और विचारधारा में काम कर रहे थे।विपरीत परिस्थितितियों और विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया। लेकिन दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देता हूं।