पीएलएफआई का चीन और पाकिस्तान कनेक्शन हुआ उजागर,आतंकी संगठनों से संपर्क की आशंका
पीएलएफआई का चीन और पाकिस्तान कनेक्शन हुआ उजागर, आतंकी संगठनों से संपर्क की आशंका <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची।उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का चीन और पाकिस्तान से चौंकाने वाला कनेक्शन सामने आया है।पीएलएफआई के मुखिया दिनेश गोप को पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से हथियार मिल रहे हैं।दिनेश गोप तक हथियार उसका खास सहयोगी निवेश कुमार पहुंचा रहा है। इस बात का खुलासा बक्सर से गिरफ्तार निवेश कुमार के पास से जब्त किए गए मोबाइल से हुआ। पुलिस को निवेश के मोबाइल से कई अहम जानकारियां मिली हैं।
मोबाइल में पाकिस्तान के किसी व्यक्ति के साथ व्हाट्सएप चैटिंग के अलावा वीडियो चैटिंग पर बात की गई है।व्हाट्सएप में हथियार की तस्वीरें भी है। इससे यह साफ हो रहा है कि विदेशी हथियार निवेश खरीदता है और उसे पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को देता है। हथियार की खरीदारी दिनेश गोप के रंगदारी के पैसे से ही की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो चैट में पाकिस्तान के जिस व्यक्ति से बात की गयी है उसने पगड़ी बांधी है और दाढ़ी बड़ी रखे हुए है।
पीएलएफआई के लिए काम कर रहे निवेश कुमार, शुभम कुमार, ध्रुव कुमार और एक महिला अंजलि कुमारी को बक्सर में मंगलवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया।अंजलि निवेश की महिला मित्र है।तीनों एक कार में दिल्ली से आ रहे थे और रांची पुलिस को इसकी सूचना मिली थी।इसके बाद बक्सर के एसपी को सूचना दी गयी। बक्सर पुलिस ने कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से 12 लाख नगद के अलावा एक कार व 14 मोबाइल फोन बरामद किया है। रांची पुलिस ने सभी को बक्सर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस चारों अपराधियों को लेकर देर शाम रांची के लिए रवाना हो गयी है।
दिनेश गोप के खास सहयोगी निवेश के मोबाइल से स्विस राइफल सहित दर्जनों हथियारों की तस्वीरें मिली हैं। उनमें से एक के 47 और मोर्टार जैसे हथियार पीएलएफआई तक पहुंचा भी दिए गए हैं। पुलिस को पहले भी सूचना मिली थी कि निवेश के जरिए दिनेश गोप ने विदेशी हथियार मंगवाए हैं। तस्वीर के आधार पर रांची पुलिस स्विस राइफल सहित दूसरे हथियार की तलाश में जुटी हुई है। पहले पुलिस निवेश के पिता सुभाष पासवान और भाई प्रवीण को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। निवेश, शुभम व ध्रुव फरार चल रहे थे, जिन्हें अब पुलिस ने दबोच लिया।
पुलिस को आशंका है कि आंतकी संगठनों और दूसरे राष्ट्र विरोधी संगठनों से भी संपर्क हो सकता है। इसकी जांच भी की जाएगी। झारखंड पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आज बुधवार को इस मामले में बड़ा खुलासा करेंगे।
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