केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर कड़ा पलटवार किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के बयानों को 'बचकाना' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को पहले अपना पुराना इतिहास और ट्रैक रिकॉर्ड देखना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग (ECI) को पूरी तरह स्वतंत्र और स्वायत्त तरीके से काम करने की छूट दी है। मोदी सरकार ने साल 2023 में एक नया कानूनी प्रावधान करके चयन समिति में प्रधानमंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दोनों को शामिल किया है, जिससे चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हुई है।

कांग्रेस पर लगे गंभीर आरोप: पूर्व CEC को दिए गए राजनीतिक पद

पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अतीत में कांग्रेस सरकारों ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कई बड़े उदाहरण देते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए:

  • टी.एन. शेषन का उदाहरण: देश के सबसे निष्पक्ष और कड़क मुख्य चुनाव आयुक्त माने जाने वाले टी.एन. शेषन का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि उनकी ईमानदारी का गुणगान करने वाली कांग्रेस ने ही बाद में उन्हें 1999 के लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ अपने टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा था।
  • मंत्री और राज्यपाल पद: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम.एस. गिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के कुछ साल बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की, 2004 में राज्यसभा गए और 2008 में केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री बनाए गए। इसके अलावा कांग्रेस शासनकाल में कई अन्य चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल और महत्वपूर्ण राजनीतिक पद दिए गए।
  • अधिकारियों की नियुक्तियां: उन्होंने केरल और अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे चुनाव से जुड़े अधिकारियों को तुरंत राजनीतिक दलों या सरकारों में बड़े पदों से नवाजा गया।

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एसआईआर (SIR) पर दोहरे मापदंड का आरोप

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के रुख को आड़े हाथों लेते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस के भीतर से ही कई वरिष्ठ नेता इस प्रक्रिया की सराहना कर चुके हैं:

  • कांग्रेस नेता शशि थरूर और रेशम चेन्नीथला खुद यह मान चुके हैं कि एसआईआर (SIR) जैसी प्रक्रियाओं के कारण ही केरल में कांग्रेस को फायदा मिला।
  • पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी चुनाव आयोग के कामकाज की तारीफ कर चुके हैं।
  • गोयल ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के अपने नेता जमीनी हकीकत और आयोग के काम की सराहना कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बेबुनियाद और झूठे 'वोट चोरी' के दावे कर रहे हैं।

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