झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा में नक्सली हमले बाल-बाल बचे भाजपा के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बुधवार को मिलने चक्रधरपुर पहुंचे। मरांडी मनोहरपुर जाकर पूर्व विधायक का हाल-चाल लेना चाहते थे,लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर चक्रधरपुर थाना में ही उनको रोक दिया गया। इससे नाराज पूर्व सीएम ने ट्वीट कर कहा कि राज्य की डरी हुई सरकार अब लोगों को संवैधानिक अधिकारों से भी रोक रही है।

बता दें कि मंगलवार की शाम गोइलकेरा के झीलरुवां में भाजपा के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सलियों ने हमला किया था।इस हमले में पूर्व विधायक बाल-बाल बच गये, लेकिन उनके दो बॉडीगार्ड शहीद हो गये, वहीं एक अन्य बाॅडीगार्ड घायल हो गया था। इस हमले में नक्सलियों ने तीन AK-47 लूट ली थी।

इस घटना के बाद मंगलवार को पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी घटनास्थल और पूर्व विधायक से मिलने की बात कही थी। इसी के तहत बुधवार को चक्रधरपुर पहुंचे और यहां से उन्हें मनोहरपुर जाकर पूर्व विधायक गुरुचरण नायक से मिलने की योजना थी,लेकिन इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा का हवाला देकर चक्रधरपुर थाने में ही पूर्व सीएम मरांडी को रोक दिया।

चक्रधरपुर थाना में रोके जाने से नाराज पूर्व सीएम मरांडी ने कहा कि एक तो राज्य में विधि व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है।अब लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों से भी रोका जा रहा है।पूर्व विधायक का कुशलक्षेम जानने को लेकर उनसे मिलना चाह रहा था, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें जाने से रोक दिया यह सही नहीं है।

मालूम हो कि गोइलकेरा स्थित झीलरुवां गांव में प्रोजेक्ट स्कूल के खेलकूद समारोह में शामिल होने के लिए भाजपा के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक गये थे।इसी दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया।अंधाधुंध फायरिंग करने से जहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी, वहीं पूर्व विधायक भी किसी तरह बचते-बचाते सोनुवा थाना पहुंचे थे।इस हमले में पूर्व विधायक के दो बॉडीगार्ड शहीद हो गये। इस नक्सली हमले के बाद पुलिस और CRPF की संयुक्त सर्च ऑपरेशन तेज हो गया है।