प्रतिनिधि,चतरा। सरकार राज्य में हो रही विकास योजनाओं में बिचौलियावाद को खत्म करने के लाख प्रयास कर ले,परंतु ग्रामीण क्षेत्र की गरीब जनता इनके चंगुल में फंस ही जाती है। नतीजा यह होता है कि बिचौलिए तो बच निकलते हैं,परंतु फंसती है गरीब जनता ही। ताजा मामला सदर प्रखंड के मोक्तमा गांव का है।जहां सरकार ने वित्तीय वर्ष 20-21 एवम 21-22 में गरीब लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया था,परंतु लाभुक बिचौलियों के बहकावे में आकर तय समय सीमा तक आधा अधूरा आवास ही बना पाए।
सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश रजक व उनकी टीम द्वारा बार-बार जागरूक करने के बाद आवास का काम पूरा नहीं हो पाया। नतीजतन बीडीओ ने मजबूर होकर बकाया राशि की वसूली के लिए सदर थाना का रुख किया और चार लाभुकों को थाना के हवाले कर दिया। इस बाबत बीडीओ गणेश रजक ने पूर्वांचल प्रतिनिधि को बताया कि सभी लाभुक सदर प्रखंड के मोक्तमा पंचायत के रहने वाले हैं। इनको वित्तीय वर्ष 20-21 एवम 21-22 में प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए राशी दी गई थीं,जिसमें झूबली देवी को 44,800, कर्मी देवी को 44,800,दीपेंद्र रविदास को 1,45000 एवम किशोरी यादव को 44,800 रू दिए गए थे। उन्होंने बताया कि इन लाभुकों ने बीते तीन वर्षों में आधा अधूरा काम किया और बची हुई राशि का गबन कर लिया। रजक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाभुक सरकार की राशी वापस करें नहीं तो जेल की हवा खाएं।





