प्रयागराज। खागलपुर हत्याकांड में 48 घंटे की पुलिस जांच पड़ताल के बाद हालात और सबूत हत्या के बाद खुदकुशी की तरफ ही संकेत कर रहे हैं।रविवार को भी जांच पड़ताल के दौरान ऐसी कई बातें सामने निकल कर आईं हैं जो पुलिस की थ्योरी को मजबूती दे रही हैं।इसमें क्राइम सीन के साथ ही सुसाइड नोट और परिवार का खास करीबी संदीप पाल का बयान भी शामिल है।
इस मामले में पुलिस अधिकारी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद हत्या और हत्या के बाद खुदकुशी की दो थ्योरियां सामने आईं थीं। एक थ्योरी के अनुसार राहुल ने ही पत्नी- बच्चों को मारने के बाद खुदकुशी कर ली। जबकि दूसरी थ्योरी में आशंका जताई गई कि पत्नी-बच्चों को मारने के बाद राहुल को भी मारकर फांसी पर लटका दिया गया।
पुलिस की उलझन इसलिए भी बढ़ गई है,क्योंकि सुसाइड नोट में राहुल ने ससुराल के 11 लोगों के नाम लिखे। राहुल ने साथ ही ये भी लिखा है कि उन्होंने घर आकर उसकी पत्नी व बच्चों की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पड़ताल में सामने आई बातों और साक्ष्यों से दूसरी थ्योरी कमजोरी पड़ गई।वह बातें और साक्ष्य निमभनखित प्रकार से हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद खुदकुशी की थ्योरी को मजबूती मृतक परिवार के खास करीबी संदीप पाल के बयान से भी मिलती है।संदीप राहुल के साथ साए की तरह रहता था और उसके बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था। राहुल के पड़ोसियों ने भी बताया है कि प्रीति संदीप को अपने बच्चों जैसा मानती थी और वह रोज परिवार के साथ ही खाना खाता था।
एक अफसर ने नाम न ओपन होने की शर्त पर बताया कि संदीप ने बताया है कि पति-पत्नी के रिश्ते अच्छे नहीं थे। पति और पत्नी में आए दिन झगड़ा होता रहता था। संदीप ने बताया कि राहुल ससुराल पक्ष से चल रहे विवाद, कर्जदारी और अन्य से इतना परेशान था कि कई बार खुदकुशी करने की बात कह चुका था।कुछ मौकों पर तो उसने यह तक कहा कि मन करता है कि सभी को मारकर खुद मर जाऊं।संदीप के बताने के अनुसार ये भी पता चला है कि राहुल बहुत मानसिक तनाव से भी जूझ रहा था।
सूत्रों के अनुसार संदीप ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि राहुल ने ससुराल में एक मकान बनवाया था, जिसमें लाखों रुपये लगवाए थे। राहुल ने मकान बनवाने के लिए काफी कर्जा भी लिया था। बाद में पत्नी के भाइयों से विवाद के बाद उसे मकान से हाथ धोना पड़ा।
यही नहीं राहुल ने जिस जमीन को अपनी सास से अपने नाम बैनामा कराया था,वो जमीन भी उसके हाथ से निकल गई। जमीन को लेकर राहुल और उसके छोटे साले से मुकदमा चल रहा था।परिवार की एक महिला से भी राहुल के बेहद करीबी संबंध थे। महिला से संबंध को लेकर लेकर पत्नी से राहुल का विवाद होता रहता था। कर्जा, विवाद और पत्नी से लगातार रिश्ते बिगड़ने से राहुल बहुत तनाव में रहने लगा था।
सुसाइड नोट में राहुल की ओर से लिखी गई बातों के गलत मिलने से भी इसी थ्योरी को मजबूती मिल रही है कि पत्नी-बच्चों की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति का हाथ नहीं। राहुल ने सुसाइड नोट में 11 नाम लिखते हुए ये भी लिखा कि उसके ससुराल पक्ष के लोग ही दो गाड़ियों से आए और प्रीति व बच्चों की हत्या करके चले गए।
पुलिस ने जब घटना वाली रात उपरोक्त आरोपियों की लोकेशन की जांच पड़ताल तो घटनास्थल पर नहीं मिली। यही नहीं एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने भी ग्रामीणों व आसपास के अन्य लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने यही बताया कि घटना वाली रात मृतक के घर के आसपास किसी गाड़ी को आते उन्होंने नहीं देखा था।
एसएसपी अजय कुमार ने कहा कि अभी तक जो भी बातें सामने आई हैं,उनसे महिला और बच्चों की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। क्राइम सीन, सुसाइड नोट व सामने आए साक्ष्यों के आधार पर गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।





