आगरा।विश्व के सातवें अजूबे में शुमार विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल को देखने के लिए दुनियाभर के लोग आते है।यहां पर बंदरों का आतंक पर्यटकों को लगातार परेशान कर रहा है।सीजन की शुरुआत होते ही पर्यटक बंदरों के आतंक से रूबरू हो रहे हैं।सोमवार की सुबह ताजमहल का दीदार करने आई स्पेनिश महिला पर्यटक पर बंदरों ने हमला कर दिया।इससे महिला बुरी तरह घायल हो गई। तत्काल पास में मौजूद फोटोग्राफर ने महिला को प्राथमिक उपचार दिया जिसके बाद महिला पर्यटक को शांति मांगलिक हॉस्पिटल में रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।





सोमवार की सुबह सांड्रा नाम की स्पेनिश महिला पर्यटक ताजमहल का दीदार करने पहुंची थी।जैसे ही वह ताजमहल प्रांगण में पहुंची खूंखार बंदरों ने उनके ऊपर हमला कर दिया और महिला पर्यटक के पैर में काट लिया।इससे महिला घायल हो ग‌ई।मौके पर मौजूद फोटोग्राफर योगेश ने तत्काल महिला पर्यटक को प्राथमिक उपचार दिया और उसके बाद एएसआई की मदद से महिला को पास में मौजूद शांति मांगलिक हॉस्पिटल में ले जाया गया। जहां पर महिला को डॉक्टरों ने रेबीज का इंजेक्शन लगाया और कुछ दवाइयां भी दी।





बताया जा रहा है कि सोमवार को ही बंदरों ने एक और अन्य पर्यटक के 8 साल के बच्चे शोएब को निशाना बनाया था और उसकी पीठ पर काट लिया था। प्यार की निशानी ताजमहल को देखकर तमाम पर्यटक आगरा से एक अच्छी छवि वापस लेकर जाते हैं‌,लेकिन वही कुछ कुछ समय से ताजमहल में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है।बंदरों के आतंक से एएसआई विभाग ने कुछ दिन पहले ही यहां पर 4 कर्मचारी तैनात किए थे,लेकिन कर्मचारियों के तैनात होने के बावजूद भी ताजमहल में आने वाले पर्यटकों को खूंखार बंदरों के आतंक से निजात नहीं मिल रही है।बंदर लगातार पर्यटकों को अपना निशाना बना रहे हैं।





आपको बता दें कि 10 दिन के अंदर ताजमहल में बंदरों के हमले की यह चौथी घटना है। 11 सितंबर को तमिलनाडु के शाहीन रशीद को बंदरों ने काटकर घायल कर दिया था। अगले ही दिन स्वीडन की महिला पर्यटक पर हमला कर दिया था। उसे भी काट लिया था। 14 सितंबर को चमेली फर्श पर दो विदेशी युवतियों पर बंदरों ने हमला किया था।पर्यटक सुखद अनुभव के लिए ताज का दीदार करने आते हैं,लेकिन बंदरों के आतंक से बुरा अनुभव लेकर लौटते हैं।दशहरा घाट मंदिर की ओर से हर दिन सुबह और शाम को खाने की तलाश में बंदरों का बड़ा झुंड ताजमहल में पहुंचता है। ये बंदर पर्यटकों पर हमलावर हो जाते हैं।स्थानीय लोग भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं।नगर निगम को पत्र लिखने के बाद भी बंदरों की धरपकड़ नहीं होने पर एएसआई के अधिकारियों ने बंदरों को भगाने के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई,लेकिन बंदरों का आतंक फिर भी नहीं थमा।सोमवार को फिर घटना हो गई।